पार्षद हो तो ऐसा वरना न हो

पार्षद हो तो ऐसा वरना न हो

नई दिल्ली। नगर निगम की कार्यप्रणाली से आहत कांग्रेस पार्षद शनिवार को बिजली मैकेनिक बन गए। काफी समय से बंद स्ट्रीट लाइटों को सुधारने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया। 2 घंटे की मशक्कत के बाद वह 10 लाइट ठीक करने में कायमाब हो गए। पार्षद बनने से पहले वह बिजली मैकेनिक रह चुके हैं। उनका यह पुराना तर्जुबा आज जनता के काम आ गया है। गाजियाबाद नगर निगम के वार्ड नंबर-53 के अंतर्गत ग्राम रईसपुर आता है।

रईसपुर गांव की गलियों में शनिवार को क्षेत्रीय पार्षद मनोज चौधरी को अनूठे अंदाज में जनसेवा करते देख नागरिक दंग रह गए। दरअसल इस वार्ड क्षेत्र के रईसपुर गांव के अलावा संजय नगर एम और एल ब्लॉक में करीब 60 फीसदी स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। इसके चलते प्रतिदिन शाम ढलने पर सड़कों पर घना अंधकार छा जाता है। ऐसे में युवतियों और महिलाओं को बाहर निकलने में असुरक्षा की भावना का अहसास होता है। नागरिकों ने पार्षद मनोज चौधरी से इस समस्या का समाधान कराने की अपील की थी।

पार्षद ने नगर निगम के प्रकाश विभाग को अवगत कराया, मगर कोई सुनवाई नहीं हो पाई। अलबत्ता पार्षद ने समस्या को दूर किए जाने का बीड़ा खुद उठा लिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर अंधेरा भगाओ, उजाला लाओ अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत प्रतिदिन 2 घंटे स्ट्रीट लाइटों को सुधारने की कोशिश की जाएगी। पहले दिन उन्होंने खुद सीढ़ी पर चढक़र 10 स्थानों पर स्ट्रीट लाइट को चालू कराया है। यह लाइटें कई माह से बंद पड़ी थीं।

उन्होंने बताया कि एएलटी से संजय नगर डबल रोड पर पोस्टल स्टाफ कॉलेज रोड तक डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइट न जलने से रात में अंधेरा रहता है। दरअसल मनोज चौधरी के लिए यह काम नया नहीं है। पार्षद चुने जाने से पूर्व वह बिजली मैकेनिक रहे हैं। उनका यह तर्जुबा आज जनता की समस्या को दूर करने में कारगर साबित हो रहा है। एजेंसी

 

 

 

 

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