चुनाव नहीं टाला तो क्या फिर होगा कोरोना से हाहाकार

चुनाव नहीं टाला तो क्या फिर होगा कोरोना से हाहाकार

श्वेता सिंह
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका,इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री और चुनाव आयोग से चुनाव टालने की अपील की। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों से कहा जाए कि वह चुनाव प्रचार टीवी व समाचार पत्रों के माध्यम से करें। प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए हाई कोर्ट के जस्टिस ने कहा कि वह पार्टियों की चुनावी सभाएं व रैलियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं. जस्टिस ने कहा कि प्रधानमंत्री चुनाव टालने पर भी विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है।दरअसल कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन की वजह से तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं की एक टीम के नेतृत्व में अभी तक के मामलों की समीक्षा की गई। कोरोना महामारी के पहले दो लहरों का डेटा इस्तेमाल करके आने वाले तीसरी लहर का पूर्वानुमान लगाया गया है।

कोरोना महामारी से लाखों घर तबाह हुए भारत मे मानो मौत तांडव कर रही हो हर तरफ हाहाकार, हर आँख में आँसू ,अपनों को खोने का डर
वो मंजर न देश भुला है ना भूलेगा..लेकिन फिर से वही मंजर न देखने को मिले इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा केवल किसी एक कि ये जिम्मेदारी नही है हर व्यक्ति की ये नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए कि वो खुद और अपनों को बिल्कुल भी लापरवाही न करने दे।जब कोरोना महामारी आई तो सभी अनभिज्ञ थे इसके परिणाम से लेकिन अब ऐसा नही है इस कोरोना ने लाखों माँ की गोद को सुना किया तो बहनों को भाई से जुदा, बच्चों को अकेला किया तो कम सी उम्र में पति से बिछड़ने का गम दिया।

आम जनता को जागरूक होना होगा केवल सरकार या राजनीतिक दलों के भरोसे आप नही रह सकते। हालांकि भारत एक घने आबादी वाला देश होते हुए भी इस भयंकर महामारी से डट कर सामना करते हुए इस स्थिति से बाहर निकलने में दिन रात कार्यरत है। हमारे साइंटिस्ट की मदद से ही जल्द देश मे वैक्सीन लगाने का भी कार्य किया गया जो निरन्तर चल रहा है।अब बूस्टर डोज लगाने के लिए भी देश मे इसकी शुरूआत होने जा रही है।लेकिन सवाल अब भी वही है कि कोरोना खत्म नही हुआ है एक बार फिर कोरोना अपने पैर पसार रहा है जिसे आप को खुद रोकना है ।

राजनीतिक दलों को भी इसके लिए विचार करने की आवश्यकता है अगर ऐसे हालात में चुनाव होते है तो ये रैली भी होगी जिसमें हर पार्टी चाहेगी अधिक से अधिक भीड़ हो और जनता का उनको समर्थन मिले। भीड़ से कोरोना के नियमों का पालन करवाना ये संभव नही है।साथ ही लोगो को भी भीड़ भाड़ और घूमने से बचना होगा जिससे कोरोना को फैलने से रोका जा सके। अब ये तय जनता और राजनीतिक पार्टियों को करना है कि वो भयंकर मंजर देखने को अब न मिलें।

Share