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अब Social Media, Digital Media, OTT की नहीं चलेगी मनमानी,भारत सरकार ने जारी की नयी गाइडलाइंस

मुंबई । भारत में सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म्‍स फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वॉट्सएप पर करीब 113.5 करोड़ यूजर हैं, वहीं, ओटीटी प्‍लेटफार्म्‍स पर भी 29-30 करोड़ यूजर्स हैं, जबकि डिजिट मीडिया या इंजनेट में करीब 700 मिलियन यूजर हैं. केंद्र सरकार ने इसके लिए एक नई और सख्‍त गाइड लाइंस आज जारी की है. अब सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म्‍स फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वॉट्सएप आदि को सरकार के बनाए नियमों का पालन करना होगा. सोशल मीडिया के लिए बनाए गए नियम अगले 3 महीने में लागू किए जाएंगे और OTT और डिजिटल न्यूज के लिए कानून उसी दिन प्रभाव में आ जाएंगे, जिस दिन सरकार इनके लिए नोटिफिकेशन जारी करेगी.

केंद्र सरकार की गाइंडलाइंस की अहम बतों को ऐसे 10 प्‍वाइंट में समझें
1 – देश में सोशल मीडिया के करोड़ों यूजर्स करोड़ों को शिकायत के लिए एक फोरम बनेगा
2 – सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर यूजर्स को अपनी शिकायत का निपटरा इस फोरम के जरिए करवा सकेंगे
3 – यदि कोर्ट या सरकारी किसी आपत्तिजनक, शरारती ट्वीट या मैसेज के फर्स्ट ओरिजिनेटर की जानकारी मांगती है, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ये जानकारी उपलब्‍ध कराना होगी यानि अब किसी के खिलाफ आपत्तिजनक, शरारती ट्वीट करना आसान नहीं होगा
4 – प्लेटफॉर्म को शिकायतों के निपटारे के लिए मैकेनिज्म बनाना होगा, जिसके लिए कंपनियों को एक अधिकारी नियुक्‍त करना होगा और इसका नाम भी बताना होगा यानि अब यूजर्स की शिकायतों पर कार्रवाई हो सकेगी और उसके सम्‍मान का खयाल रखा जा सकेगा
5 – संबंधित अधिकारी 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करनी होगी और इसका निपटारा 15 दिन के भीतर करना होगा.
6 – महिलाओं में यदि किसी की आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करता है, तो शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर कंटेंट हटाना होगा, यानि अपत्तिजनक पोस्‍ट या फोटो इस माध्‍यम में उपलब्‍ध नहीं रहेगी, ताकि महिला के सम्‍मान की भावना सुरक्षित रखा जा सकेगा
7 – यदि अगर किसी सोशल मीडिया यूजर के कंटेंट को हटाना है तो उसे ऐसा करने की सही वजह बतानी होगी. यानि सिर्फ किसी की शिकायत पर आपका कंटेंट हटाया नहीं जा सकेगा, जब तक वह मानदंडों पर खरा नहीं उतरता है.
8- कंपनियों को हर महीने रिपोर्ट में बताना होगा कि कितनी शिकायत आई और उन पर क्या कार्रवाई की गई
9- अगर किसी सोशल मीडिया यूजर के कंटेंट को हटाना है तो उसे ऐसा करने की वजह बतानी होगी औन उनका पक्ष भी जानना होगा

10- OTT और डिजिटल न्यूज के लिए गाइडलाइन
– OTT और डिजिटल न्यूज के लिए 3 चरणों का मैकेनिज्म होगा.
– OTT और डिजिटल न्यूज के लिए रजिस्ट्रेशन की बाध्यता नहीं है, लेकिन इन सभी को अपनी जानकारियां देनी होंगी
– शिकायतों के निपटारे के लिए सिस्टम बनाया जाएगा इन्हें सेल्फ रेगुलेशन बॉडी बनानी होगी
– रेगुलेशन बॉडी को सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज या फिर इसी कद का कोई व्यक्ति लीड करेगा
– कार्रवाई की जरूरत के मुताबिक, सरकार के स्तर पर एक व्यवस्था बनाई जाएगी, जो इस तरह के मामलों को देख सके
– फिल्मों की तरह ही OTT प्लेटफॉर्म को भी प्रोग्राम कोड फॉलो करना होगा
– कंटेंट के बारे में उम्र के लिहाज से क्लासिफिकेशन करना होगा यानी कौन सा कंटेंट किस एज ग्रुप के लिए उचित है
– OTT प्लेटफॉर्म के कंटेट को 13+, 16+ और A कैटेगरी में बांटा जाएगा
– पैरेंटल लॉक की व्‍यवस्‍था होगी, अभिभावक अपने बच्चे के लिए ऐसे कंटेंट को ब्लॉक कर सकेंगे, जो ठीक नहीं है

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