वाराणसी में भारी बारिश और बाढ़ का कहर,पीएम ने डीएम से  ली जानकारी

वाराणसी में भारी बारिश और बाढ़ का कहर,पीएम ने डीएम से ली जानकारी

वाराणसी। नदियों का जलस्तर बढ़ने से देश की राज्य इन दिनों भीषण बाढ़ के कहर का सामना कर रहे हैं। एनडीआरएफ के अलावा देश की सेनाएं भी राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है। यूपी के भी कई जिलो बाढ़ की चपेट में हैं। इस बीच पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भारी बारिश और बाढ़ के उच्चतम बिंदु की ओर तेजी से बढ़ने की जानकारी पर बुधवार को जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा को फोन कर स्थिति की जानकारी ली।

वराणसी में गंगा की रौद्र लहरों की विभीषिका झेल रहे नागरिकों की पीड़ा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंची है। अपने संसदीय क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ के उच्चतम बिंदु की ओर तेजी से बढ़ने की जानकारी पर बुधवार को पीएम मोदी ने जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा को फोन कर हालात की जानकारी ली।इस दौरान पीएम मोदी ने जिलाधिकारी को बाढ़ के हालात से निपटने के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिया। प्रधानमंत्री ने हालात और व्यवस्थाओं पर भी बातचीत की। साथ ही बाढ़ से प्रभावित इलाकों के नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिशा निर्देश देकर उनके सुरक्षा की कामना की।

वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को हालात का जायजा लेने वाराणसी आ रहे है। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव और बारिश से जनजीवन ठहर सा गया है। गंगा और वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों के साथ शहर के अन्य हिस्सों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इसका दायरा भी बढ़ने लगा है। कई इलाकों में नाव के जरिये ही राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

बुधवार सुबह 10 बजे तक गंगा का जलस्तर 72.04 मीटर दर्ज किया गया। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा हैं । वाराणसी में बाढ़ का उच्चतम बिंदु 73.901 मीटर है। संभावना है कि गंगा में बढ़ाव का क्रम ऐसे ही बना रहा तो गुरुवार देर रात तक गंगा की लहरें उच्चतम बिंदु 73.901 मीटर को भी पार कर जायेगी। गंगा के जलस्तर में वृद्धि से सामने घाट की सड़कों पर नाव चलने लगी हैं। दशाश्वमेध घाट से गोदौलिया की ओर पानी बढ़ चला है। मणिकर्णिका घाट पर गलियों में पानी भर गया है। शव घाट तक नावों से ले जाए जा रहे हैं। मंदिर के छत पर शवदाह हो रहा है। गंगा किनारे ढ़ाब क्षेत्र के नागरिक भी बाढ़ से बेहाल है। उधर,गंगा के पलट प्रवास से वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्र में जल प्रलय से नागरिक बेहाल हैं।

 

Share