हरियाली तीज के हरे श्रृंगार

वैसे तो पूरे सावन माह में ही प्रकृति की हरियाली छटा बिखरी रहती है। इस मौसम में बारिश की रिमझिम फुहारों से मौसम खुशनुमा हो जाता है और ऐसे ही समय में मनाया जाता है हरियाली तीज का त्योहार। महिलाएं व्रत व पूजा करती हैं।

हरियाली तीज के दिन महिलाएं सुबह घर के काम और स्नान करने के बाद 16 श्रृंगार करके निर्जला व्रत रखती हैं। इसके बाद मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा होती है। विवाहित स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं। इस खास त्योहार पर हरे वस्त्र, हरी चुनरी, हरा लहरिया, हरा श्रृंगार, मेहंदी, झूला झूलने का भी रिवाज है।

हरियाली तीज को महिलाएं उत्साह व उमंग के साथ मनाती हैं। इस दिन 16 श्रृंगार महिलाएं करती हैं जिसमें खासतौर पर अपने श्रृंगार में हरे रंग को शामिल करती हैं।

हरी चूड़ियां

सावन माह में हरे रंग का बहुत महत्व होता है। सुहागिन स्त्रियां हरियाली तीज में हरे रंग की चूड़ियों को शामिल करती है, क्योंकि हरे रंग की चूड़ियां सुहागिन स्त्रियां पति की खुशहाली,तरक्की, दीर्घायु व सेहतमंद जिंदगी के लिए पहनती हैं।

हरे वस्त्र

सावन के महीने में प्रकृति बेहद खूबसूरत नजर आती है। हरियाली तीज में महिलाएं हरे रंग के वस्त्र धारण करती हैं। यह आंखों को भी राहत पहुंचाने वाला रंग है।

झुमके

16 श्रृंगार झुमकों के बिना अधूरा-सा लगता है। हरियाली तीज में आप हरे रंग के झुमकों को अपने श्रृंगार में शामिल कर सकती हैं, जो आपकी खूबसूरती में चार चांद लगा देंगे।

मेहंदी

हरियाली तीज में मेहंदी का भी महत्वपूर्ण स्थान है। इस खास अवसर पर महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी लगाती हैं।

हरी बिंदी

हरियाली तीज में हरा श्रृंगार एक तरह से प्रकृति से नाता झलकाता है। हरी बिंदियों को महिलाएं अपने 16 श्रृंगार में शामिल करती हैं।