गोमती रिवर फ्रंट घोटाला: लखनऊ में CBI की बड़ी कार्रवाई,अखिलेश सरकार की परियोजना में 1437 करोड़ का कोई हिसाब नही

गोमती रिवर फ्रंट घोटाला: लखनऊ में CBI की बड़ी कार्रवाई,अखिलेश सरकार की परियोजना में 1437 करोड़ का कोई हिसाब नही

नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में कथित अनियमितताओं के संबंध में एक नया मामला दर्ज किया है। उत्तर प्रदेश में पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान परियोजना संचालित हुई थी। राज्य में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं।

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सोमवार को कई राज्यों में करीब 43 जगहों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि सुबह शुरू हुआ तलाशी अभियान अभी चल रहा है और आज जारी रह सकता है।

अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिकी में करीब 180 अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है जिनमें बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश सरकार के अभियंता तथा अन्य अधिकारी शामिल हैं। सीबीआई ने उक्त परियोजना के सिलसिले में यह दूसरी प्राथमिकी दर्ज की है।

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं जिनमें अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी और मायावती की अगुवाई में बहुजन समाज पार्टी के साथ ही कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी को राज्य की सत्ता से हटाने की कोशिश करेंगे।

इस परियोजना के लिए कुल 1513 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे, जिसमें से 1437 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद भी अभी तक 60% काम भी पूरा नहीं हुआ है। जिस कंपनी को इस काम का ठेका दिया गया, उसे भी संदिग्ध माना जा रहा है। आरोप है कि वो कंपनी पहले से ही डिफॉल्टर थी। 2017 में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के साथ ही इस भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ और न्यायिक जाँच बिठाई गई थी।

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