गरुड़ स्वामी मंदिर जहां विष्णु और देवी लक्ष्मी गरुड़देव पर विराजमान हैं, रामायण काल से जुड़ा है इसका महत्व

धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में गरुड़ को पौराणिक पक्षी माना जाता है, जो जगत के पालनहार भगवान विष्णु के वाहन हैं। गरुड़देव कोत्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश के बीच में, एक पर्वत या फिर विष्णु के वाहन के रूप में सम्मान मिलता है। आज हम आपको गरुड़देवका एक दुर्लभ मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका महत्व रामायण से जुड़ा है।

कर्नाटका का गरुड़ स्वामी मंदिर (Garuda Swamy Temple), गरुड़देव को समर्पित है। यह मुलबागल शहर से 20 किमी की दूरी परकोलार के कोलादेवी गांव में स्थित है। गरुड़ देवता का यह मंदिर इकलौता ऐसा मंदिर है, जहां विष्णु और देवी लक्ष्मी गरुड़देव परविराजमान हैं। इसके अलावा इस मंदिर का इतिहास रामायण काल से भी जुड़ा है।

इस मंदिर से जुड़ी प्रचलित कथाएं-
गरुड़ स्वामी मंदिर (Garuda Swamy Temple) से जुड़ी पहली कथा महभरात काल से जुड़ी है, जिसके अनुसार एकबार अर्जुन शिकारकरने के लिए जंगल में गए। अर्जुन ने जैसे ही तीर चलाया तो उनके ताकतवर तीर की वजह से जंगल में आ’ग लगी और सैंकड़ों सांप म’रगए। उन्ही में से म’रते हुए एक सांप ने उन्हे श्राप दिया जिस वजह से उन्हें सर्पदोष लगा। श्राप से मुक्ति पाने के लिए, विद्वानों ने अर्जुन कोगरुड़ देवता की पूजा करने को कहा। मान्यता है कि अर्जुन ने ही कोलादेवी के गरुड़ मंदिर में गरुड़ देवता की स्थापना की थी।

जटायु को मारता रावण-
इससे जुड़ी एक अन्य कथा रामायण काल की है, जिसके मुताबिक, जब रावण सीता का हरण कर पुष्पक़विमान में लंका ले जा रहा थातब वह जटायु, एक गरुड़ ही था जो उन्हें बचाने के लिए गया। पर दुर्भाग्यवश जटायु रावण के हाथों मारा गया।

लोक मान्यताओं के अनुसार यही वह जगह है जहां जटायु मरने के बाद आकर गिरा था, इसलिए इसका नाम कोलादेव पड़ा। कन्नड़भाषा में कोलू का मतलब होता है म’रना। भगवान विष्णु गरुड़ के इस प्रयास से बहुत खुश हुए और उसे आशीर्वाद दिया, जिसके बादगरुड़ दोबारा से इस जगह पर गरुड़ देवता के रूप में आए।

इस मंदिर में अंजनेया स्वामी (अंजनी पुत्र हनुमान) मंदिर भी स्थित है। दूसरी ख़ासियत गरुड़ की यह भी है की उनके एक कंधे पर भगवानविष्णु विराजमान हैं तो दूसरे कंधे में देवी लक्ष्मी। भक्तों का मानना है की गरुड़ की पूजा करते हुए उन्हें भगवान विष्णु जी का भी आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है। एजेंसी