दशामा के विसर्जन के लिए कृतिम तालाब न बनाए जाने की वजह से लोगों में रोष

शैलेंद्र पांडे/ मीरा भायंदर

मीरा भायंदर में दशामा के विसर्जन के लिए मनपा द्वारा किसी भी प्रकार की व्यस्था न किए जाने के कारण लोगों में रोष है। लोगो का कहना है कि कम से कम मनपा ने धार्मिक भावनाओं की कद्र करते हुए विसर्जन के लिए कृतिम तालाब की व्यवस्था करनी चाहिए थी।

10 दिनों से श्रद्धापूर्वक हो रहे दशामा व्रत का आज यानी की बुधवार को आखिरी दिवस है। व्रत की समाप्ति पर जागरण के साथ दशामा की प्रतिमाओं का नदी-तालाबों में विसर्जन किया जाता है। हालांकि, इस बार कोरोना के चलते महानगरपालिका ने दशामा की मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगा रखी है।

स्थानीय नागरिक और दशामा के भक्त हितेश सोलंकी का कहना है कि कम से कम मूर्तियों को गलानेवाला केमिकल तो मनपा ने मुहैया कराना चाहिए। घर मे मूर्तियां कैसे गलेंगी। उनका आगे कहना है कि हजारों की संख्या में हमारे समाज मे लोग मूर्तियां कहाँ विसर्जित करेंगे। अगर लोग सड़कों पर उतर आए तो क्या मनपा कर्मचारियों की तकलीफ नही बढ़ेगी।

कलेक्टर की ओर से बाकायदा एक नोटिफिकेशन भी जारी हुआ था। लंबे समय से श्रद्धालु दशामा की मूर्तियों के विसर्जन के लिए अलग से कृत्रिम तालाब बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने यह मांग मानने से साफ इंकार कर दिया था।