त्रिफला के चूर्ण से पाए एसिडिटी से मुक्ति

नई दिल्ली। बहुत से लोग है जिन्हें अक्सर एसिडिटी की समस्या रहती हैं। गलत खान-पान और कई अन्य कारणों के चलते हमें एसिडिटी और जलन का एहसास होता है. एसिडिटी की समस्या को दूर करने के लिए लोग कई दवाईयों का सेवन करते हैं।

लेकिन उन्हें फिर भी कोई आराम नहीं मिल पाता। एसिडिटी की समस्या से परेशान होकर लोग अपना मनचाहा खाना नहीं खा पाते। लेकिन अब आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। आज हम आपको एक खास घरेलू नुस्खा बताने जा रहे हैं। हम बात कर रहे हैं त्रिफला की।

त्रिफला का इस्तेमाल भारतीय खानों में किया जाता है। त्रिफला में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट, एंटी इंफ्लामेट्री और एंटी बैक्‍टीरियल गुण पाए जाते हैं. तीन चीजों से मिलकर बना त्रिफला एसिडिटी के अलावा पेट में जलन की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है। बस इसके लिए जानना ये जरूरी है कि इसे कब और कितनी मात्रा में लेना चाहिए।

एसिडिटी ठीक करने के लिए ऐसे करें त्रिफला का सेवन

एसिडिटी और पेट जलन से पीड़ित व्यक्ति त्रिफला चूर्ण को पानी के साथ आधा चम्मच रोजाना सुबह, दोपहर और शाम को लें। इससे उन्हें जल्दी आराम मिलेगा।

त्रिफला के फायदे

– त्रिफला, सांस संबंधी रोगों में लाभदायक है और इसका नियमित सेवन करने से सांस लेने में होने वाली असुविधा भी दूर हो जाती है।

– डायबिटीज के उपचार में त्रिफला बहुत प्रभावी है। यह पेनक्रियाज को उत्तेजित करने में मदद करता है, जिससे इंसुलिन पैदा होता है।

– त्रिफला में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो कि सेल्स के मेटाबॉलिज्म को नियमित रखते हैं।

– पाचन समस्याओं को दूर करने में त्रिफला सबसे कारगर दवा है। आंत से जुड़ी समस्याओं में भी इसे खाने से काफी राहत मिलती है। एजेंसी