मीडिया हाउस के रूप में विदेशी ताकतें कर रही हैं देश को बदनाम: संबित पात्रा

मीडिया हाउस के रूप में विदेशी ताकतें कर रही हैं देश को बदनाम: संबित पात्रा

नई दिल्ली। समाचार पोर्टल न्यूजक्लिक के कथित संदिग्ध विदेशी फंडिंग पर बोलते हुए केंद्र में काबिज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया है कि यह पोर्टल “भारत विरोधी” तत्व विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को नीचा दिखाने और मोदी सरकार को निशाना बनाने की साजिश का हिस्सा हैं।

संदिग्ध विदेशी धन हुआ प्राप्त
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने न्यूजक्लिक पोर्टल में प्रवर्तन निदेशालय की जांच के बारे में मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया और कहा कि इसे 9.59 करोड़ रुपये का एफडीआई और अन्य 28.46 करोड़ रुपये का विदेशी धन संदिग्ध उद्देश्यों के लिए प्राप्त हुआ।

पीएम को बदनाम करने के लिए है मूल्य टैग
बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भीमा कोरेगांव मामले के एक आरोपी कार्यकर्ता गौतम नवलखा सहित विभिन्न लोगों को पैसा दिया गया था। उन्होंने आगे कहा कि यह भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने,प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने और विदेश के लिए प्रचार करने के लिए एक “मूल्य टैग” है।

मीडिया का मुखौटा पहने हुए है पोर्टल
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा, “भारत विरोधी ताकतें,विदेशी ताकतों के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दे रही हैं,” उन्होंने आरोप लगाया कि पोर्टल ने भारत को नीचा दिखाने के लिए एक मीडिया हाउस का मुखौटा पहना है।

अच्छी चीजों को भी बनाया गया निशाना
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि भारत के कुछ मुख्यधारा के राजनेता और विदेशी ताकतें भी ऐसे पोर्टलों के साथ हैं, और वे एक गिरोह के रूप में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं। पात्रा ने दावा किया कि जब भी देश में कोई “अच्छी” चीज होती है,चाहे वह कोविड टीकाकरण नीति हो या सेंट्रल विस्टा परियोजना,कुछ लोगों ने हमेशा निशाना बनाया।

विदेशी फन्डिंग की है साजिश

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह घटना भारत को नीचा दिखाने के लिए इस तरह के अभियानों के पीछे विदेशी फंडिंग और विदेशी साजिश की भूमिका को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा परियोजना को अदालतों से मंजूरी मिल गई, लेकिन कुछ लोग भारत को नीचा दिखाने के लिए अपने एजेंडे को ‘जिद्दी’ तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं। पात्रा ने दावा किया कि जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं,वह न केवल यहां बल्कि विदेशी ताकतों के कुछ नेताओं के शरीर का कांटा बन गए हैं।

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