एनएचआरडीएफ में पांच दिवसीय मशरूम ट्रेनिंग प्रोग्राम हुआ संपन्न,प्रशिक्षणार्थियों को बताए मशरूम उगाने के गुर

एनएचआरडीएफ में पांच दिवसीय मशरूम ट्रेनिंग प्रोग्राम हुआ संपन्न,प्रशिक्षणार्थियों को बताए मशरूम उगाने के गुर

नई दिल्ली(आदित्य मिश्रा)। राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के द्वारा आयोजित पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन तकनीक एवं सस्योत्तर प्रबंधन प्रशिक्षण का समापन शनिवार को जनकपुरी स्थित एनएचआरडीएफ परिसर में हो गया। प्रशिक्षण 23 से 27 मार्च तक चला। प्रशिक्षण में प्रतिष्ठान के तकनीकी अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम उत्पादन के संबंध में प्रशिक्षण देकर मशरूम की खेती,कम्पोस्ट व फसल कक्ष तैयार करना,फसल में रोग की जानकारियां तथा उसका निदान सहित खेती से संबंधित तमाम जानकारियां उपलब्ध कराई। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में उत्तर प्रदेश,राजस्थान,हरियाणा,पंजाब,उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश राज्यों से आए 25 लोगों ने भाग लिया।

 

समापन समारोह के मुख्य अतिथि मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर वेलफेयर के डिप्टी कमिशनर डॉ.दिलीप कुमार श्रीवास्तव रहें। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा आप लोग प्रशिक्षण लेकर मशरूम उत्पादन का व्यवसाय कर सकते हैं,जिसका आज के समय में बहुत मांग हैं। संस्थान के निदेशक डॉ.पीके गुप्ता ने कहा कि मशरूम उत्पादन विषय पर प्रशिक्षण लेकर किसान एवं बेरोजगार लोग स्वरोजगार अपना कर अपने खुद के व्यवसाय से अधिक से अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मशरूम खाना क्यों जरूरी हैं और इसे खाने से क्या फायदे हैं? साथ ही मशरूम का महत्व एवं आसपास के क्षेत्रों में इसकी खेती की उपयोगिता के बारे में प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी।

इस मौके पर वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी डॉ.एस.सी.तिवारी ने मशरूम की विभिन्न प्रजातियों जैसे बटन मशरूम,धींगरी मशरूम,मिल्की मशरूम,शीतके मशरूम तथा ऋषि मशरूम की खेती के बारे में बताते हुए खेती में आने वाली समस्या,रोग तथा उसके निवारण पर विस्तार से प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी। समापन समारोह के दौरान संयुक्त निदेशक एचपी शर्मा,उप निदेशक मनोज श्रीवस्ताव,वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी डॉ.एस.के.तिवारी,वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी एस.सी.तिवारी,तकनीकी अधिकारी डॉ. आर.पी.पाण्डेय,एवं सुधीर कुमार सिंह मौजूद रहें।

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