न्यूजीलैंड में पहला एचआईवी पॉजिटिव स्पर्म बैंक खोला गया

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वेलिंगटन : लाइलाज एचआईवी पॉजिटिव बीमारी के मरीजों को सम्मान दिलाने के लिए दुनिया में पहला एचआईवी पॉजिटिव स्पर्म बैंक न्यूजीलैंड में खोला गया। इस बैंक का नाम ‘स्पर्म पॉजिटिव’ रखा गया है। इस बैंक की शुरुआत एचआईवी पॉजिटिव तीन मरीजों के स्पर्म डोनेशन कार्यक्रम के साथ की गई। इस बैंक को तीन संगठनों- न्यूजीलैंड एड्स फाउंडेशन, पॉजिटिव महिला इंक और बॉडी पॉजिटिव द्वारा लॉन्च किया गया है।

इस साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस से पहले इस बैंक की स्थापना इस बीमारी से पीड़ित लोगों को खुद के प्रति हीन भावना से बचाने के लिए की गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में लगभग 38 मिलियन लोग एचआईवी का शिकार हैं। यह डेटा तब है जब ऐसे उपचारों में हम काफी प्रगति कर चुके हैं, जिनकी सहायता से एचआईवी से संक्रमित लोग लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। साथ ही उनसे किसी को भी यह वायरस ट्रांसफर नहीं होता है। लेकिन फिर भी हमारे समाज में इस बीमारी को एक कंलक की तरह लिया जाता है।

बॉडी पॉजिटिव संस्था के मार्क फिशर ने कहा कि स्पर्म पॉजिटिव बैंक उन लोगों के लिए भी मदद करना चाहता है, जो वायरस के साथ जीवित हैं और उन्होंने अपने परिवार को आगे बढ़ाया है। इसके पीछे मकसद यह है कि उन लोगों को समाज में सम्मान मिले और उनकी वंशावली के बारे में भी लोगों को पता हो। मार्क थॉमस संक्रामक रोग चिकित्सक और ऑकलैंड विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं, इनका कहना है कि हालांकि एचआईवी का कोई पर्मानेंट इलाज नहीं है और ना ही इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। लेकिन जिन लोगों को सही समय पर और सही इलाज मिल जाता है, उनके द्वारा यह बीमारी यौन संबंध या चाइल्ड बर्थ के द्वारा किसी और में नहीं फैलती है।एजेंसी

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