पूर्व सैनिक और पेंशनर स्वयंसेवक के रुप में सरकार के साथ मिलकर कर सकते है समाज की सेवा : मुख्यमंत्री मनोहर लाल

पूर्व सैनिक और पेंशनर स्वयंसेवक के रुप में सरकार के साथ मिलकर कर सकते है समाज की सेवा : मुख्यमंत्री मनोहर लाल

स्वयंसेवकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, सीएम मनोहर लाल ने वीसी के माध्यम से की पूर्व सैनिकों और पेंशनरों से बातचीत

सतीश बांसल/सिरसा/हरियाणा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में जो पूर्व सैनिक और पेंशनर है, वे लोग स्वयंसेवक के तौर पर निस्वार्थ व समर्पण भाव से समाज की सेवा करने के इच्छुक है, वे अपने आपको हरियाणा सरकार द्वारा शुरु किए गए समर्पणहरियाणा.जीओवी.इन पोर्टल पर पंजीकृत कराएं। इस पोर्टल पर जो भी पूर्व सैनिक व पैंशनर पंजीकरण करवाएगा, उसे संबंधित जिला प्रशासन द्वारा बुलाया जाएगा और प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों का लोगों को ओर अधिक लाभ कैसे मिल सके। इस बारे में उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश में ऐसे पूर्व सैनिकों व कर्मचारियों की बड़ी तादाद है जिनके पास काफी समय है तथा विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा अनुभव है। सरकार इनके अनुभव का लाभ लेते हुए गरीब लोगों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहती है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों और पूर्व सैनिक तथा पेंशनरों से बातचीत कर रहे थे। स्थानीय लघु सचिवालय स्थित बैठक कक्ष में उपायुक्त अनीश यादव, नगराधीश गौरव गुप्ता, जिला खजाना अधिकारी नरेंद्र ढुल, सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण विभाग के कल्याण अधिकारी कर्नल दीप डागर सहित पूर्व सैनिक व पैंशनर मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सेवा में हरियाणा का अग्रणी स्थान है, सेना में हर दसवां सैनिक हरियाणा का है। जब 1965 में भारत और पाकिस्तान का युद्ध हुआ, कारगिल के युद्ध सहित अनेक लड़ाईयों में देश की सुरक्षा को सर्वोत्तम मानते हुए हरियाणा के सैनिकों ने अहम भूमिका अदा की है। उन्होंने शहीद सैनिकों के परिवारों के बारे में बातचीत करते हुए कहा कि जो सैनिक युद्ध में शहीद हो जाते है, उन पर उन्हे नाज है तथा उनके परिवारों की चिंता को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने अलग से विभाग बनाया है।

पिछले 7 सालों में हरियाणा प्रदेश के चहुमुखी विकास से संबंधित कई योजनाएं और परियोजनाएं शुरू की गई है। ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी, योग्यता के आधार पर नौकरी, ई-गवर्नेंस, ई-आफिस जैसी अनेकों योजनाएं शुरू की गई है, जिसका आमजन को भरपूर लाभ मिल रहा है। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास के सिद्धांत पर प्रदेश सरकार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हर योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। परिवार पहचान पत्र के अंतर्गत प्रदेश के हर व्यक्ति का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। हर जिले में 300 परिवारों पर एक कमेटी बनाई गई है, यह लोकल कमेटी जांच करती है, फिर योजना प्रार्थी को बताई जाती है। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत आमजन की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे है। प्रदेश में आमजन की सुविधा के लिए हर हित स्टोर खोले गए है। अभी 71 स्टोर खुले है, पहले चरण में 2 हजार स्टोर और दूसरे चरण में 5 हजार स्टोर खोलने की प्रदेश सरकार की योजना है। मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से प्रदेश के कई जिलों के पूर्व सैनिकों और पेंशनरों से बातचीत भी की है।

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