गरीबों का सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता -पीएम मोदी

गरीबों का सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता -पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने गुजरात के विभिन्न शहरों से योजना के लाभार्थियों से बातचीत की। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार देश के गरीबों को हर संभव मदद मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के विभिन्न स्तरों पर किए गए प्रयासों से आज देश के गरीबों और युवाओं में एक नया आत्मविश्वास आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से लोगों में यह आत्मविश्वास जगा है कि चुनौती के समय में देश उनके साथ खड़ा है।

कोरोना काल में गरीबों को अन्न योजना का मिल रहा लाभ

पीएम ने कहा कि आजादी के बाद से ही करीब-करीब हर सरकार ने गरीबों को सस्‍ता भोजन देने की बात कही थी। सस्‍ते राशन की योजनाओं का दायरा और बजट साल दर साल बढ़ता गया,लेकिन उसका जो प्रभाव होना चाहिए था वो सीमित ही रहा। देश के खाद्य भंडार बढ़ते गए,लेकिन भुखमरी और कुपोषण में उस अनुपात में कमी नहीं आ पाई। 2014 में उनकी सरकार आने के बाद तकनीक के माध्यम से वितरण योजना तैयार की गई,जिससे गरीबों को लाभ मिला। नई टेक्‍नोलॉजी को इस परिवर्तन को माध्‍यम बनाया। करोड़ों फर्जी लाभार्थियों को सिस्‍टम से हटाया। राशन कार्ड को आधार से लिंक किया और सरकारी राशन की दुकानों में डिजीटल टेक्‍नोलॉजी को प्रोत्‍साहित किया गया। इन सबका परिणाम है कि आज कोरोना काल में गरीबों को अन्न योजना का लाभ मिल रहा है।

दुनिया भर में पीएम गरीब कल्याण योजना की प्रशंसा

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया कोरोना महामारी से गुजर रही है और संक्रमण के साथ-साथ भुखमरी का संकट भी गहराता जा रहा है। उनकी सरकार ने इस संकट को समय रहते पहचाना और इस पर काम किया। इससे आज दुनिया भर में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की प्रशंसा हो रही है और बड़े-बड़े विशेषज्ञ मुफ्त अनाज बांटने की इस योजना की तारीफ कर रहे हैं।

दिवाली तक चलेगी योजना

योजना का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार गरीब परिवारों के हर सदस्य को 5 किलो मुफ्त अनाज उपलब्ध करा रही है, जिस पर 2 लाख करोड़ से अधिक का खर्च आ रहा है। यह योजना दिवाली तक चलने वाली है,जिसका मकसद यह है कि किसी गरीब को पेट भरने के लिए जेब से खर्च ना करना पड़े।

साढ़े चार करोड़ परिवारों तक पहुंचा नल का जल

पीएम ने इस दौरान जल जीवन मिशन का भी जिक्र किया और कहा कि इससे लोगों के घर अब नल के माध्यम से स्वच्छ जल पहुंच रहा है। अभी तक केवल 3 करोड़ परिवारों तक ही नल से जल पहुंच रहा था,लेकिन 2 साल पहले शुरू की गई उनकी योजना से अब साढ़े चार करोड़ परिवारों तक नल से स्वच्छ जल पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात भी जल्द ही शत प्रतिशत परिवारों तक नल जल पहुंच लक्ष्य हासिल कर लेगा।

गरीबों का सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता

पीएम ने आगे कहा, “आज देश ढांचागत परियोजनाओं पर लाखों करोड़ खर्च कर रहा है। साथ ही आम लोगों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए, ‘इज ऑफ लिविंग’ के लिए नए मानदंड भी स्थापित कर रहा है। गरीब के सशक्तिकरण, को आज सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। गुजरात सहित पूरे देश में ऐसे अनेक काम हैं, जिनके कारण आज हर देशवासी का,हर क्षेत्र का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और ये आत्मविश्वास ही है जो हर चुनौती से पार पाने का,हर सपने को पाने का एक बहुत बड़ा सूत्र है।”

बदलाव और पारदर्शिता से युवाओं में बढ़ा आत्मविश्वास

इस दौरान उन्होंने ओलंपिक में भारत की प्रतिभागिता में हुई वृद्धि का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में बदलाव और पारदर्शिता लाने से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है, जो कि अब न्यू इंडिया की पहचान बन गया है। अब भारत के युवा हर खेल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। वह बड़ी रैंकिंग वाले खिलाड़ियों और टीमों को टक्कर दे रहे हैं। उनमें अब जोश,जुनून और जज्बा है। इसी कारण से कोरोना संकट के बावजूद ओलंपिक में इस बार सबसे बड़ा प्रतिभागी दल शामिल हो रहा है और नए नए खेलों में अपनी प्रतिभा दिखा रहा है।

कोरोना से सतर्कता बेहद जरूरी

वहीं कोरोना को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल में हमें इसी आत्मविश्वास को बनाए रखते हुए लड़ाई जारी रखनी है और टीकाकरण भी जारी रखना है। इस समय सतर्कता बेहद जरूरी है। भारत जल्द ही 50 करोड़ टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने जा रहा है। गुजरात में भी साढ़े तीन करोड़ लोगों का टीकाकरण होने जा रहा है। ऐसे में हमें सावधानी बरतनी जरूरी है,टीकाकरण के साथ मास्क का प्रयोग और भीड़ से बचना बेहद जरूरी है।

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