राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिये ड्रोन सर्वेक्षण हुआ अनिवार्य

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिये ड्रोन सर्वेक्षण हुआ अनिवार्य

किसी देश की आधारभूत संरचना की मजबूती से पता चलता है कि कोई देश असल में कितना मजबूत है। भारत सबसे ज्यादा ध्यान इसी आधारभूत संचरना पर दे रहा है। हम सब जानते हैं, राष्ट्रीय राजमार्ग,आधारभूत संचरना के महत्वपूर्ण अवयव होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने इस क्षेत्र में चमत्कारिक गति से काम करते हुए शानदार प्रगति की है। इस दौरान एक दिन में सबसे अधिक सड़क बनाने का रेकॉर्ड भी भारत ने अपने नाम दर्ज किया। आपको पता है कि भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 1 लाख 37 हजार से अधिक,जिससे पृथ्वी का तीन बार चक्कर लगाया जा सकता है। बिना कुछ कहे ये रेकॉर्ड ही अपने आप में इस क्षेत्र में विकास का बखान कर देते हैं। अब सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने पर काम कर रही है,जिससे काम और तेजी से हो सके।

ड्रोन से सर्वेक्षण किया अनिवार्य

पारदर्शिता बढ़ाने और नवीनतम तकनीक का लाभ उठाने के लिए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने विकास, निर्माण, संचालन और रखरखाव के सभी चरणों के दौरान राजमार्ग परियोजनाओं की मासिक वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए ड्रोन का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। ठेकेदारों और छूटग्राहियों को पर्यवेक्षण सलाहकारों की उपस्थिति में ड्रोन वीडियो रिकॉर्डिंग करनी होगी और वर्तमान और पिछले महीने के तुलनात्मक परियोजना वीडियो एनएचएआई के पोर्टल ‘डेटा लेक’ पर अपलोड करना होगा,जिसमें महीने के दौरान विभिन्न परियोजना संबंधी विकास को कैप्चर करना होगा।

पर्यवेक्षण सलाहकार इन वीडियो का विश्लेषण करेंगे और परियोजना विकास के विभिन्न पहलुओं को शामिल करते हुए डिजिटल मासिक प्रगति रिपोर्ट पर अपनी टिप्पणी देंगे। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इन वीडियो का इस्तेमाल एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा परियोजनाओं के भौतिक निरीक्षण के दौरान पहले की टिप्पणियों के आधार पर की गई विसंगतियों और सुधारों की जांच के लिए भी किया जाएगा।

एनएसवी की तैनाती भी अनिवार्य

एनएचएआई ने इसके अलावा सड़कों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क की स्थिति के सर्वेक्षण के लिए नेटवर्क सर्वेक्षण वाहन (NSV) की तैनाती को भी अनिवार्य कर दिया गया है।

क्या फायदे होंगे

> यह पारदर्शिता, एकरूपता को बढ़ाएगा और नवीनतम तकनीक का लाभ उठाने में मदद करेगा।
> NHAI के अधिकारी पूर्व की टिप्पणियों में हुई विसंगतियों और सुधारों की जाँच के लिये परियोजनाओं के भौतिक निरीक्षण के दौरान वीडियो का उपयोग कर सकते हैं।
> चूँकि ये वीडियो स्थायी रूप से ‘डेटा लेक’ पोर्टल पर संग्रहीत किये जाएंगे, इसलिये इनका प्रयोग विवाद समाधान प्रक्रिया के दौरान मध्यस्थ न्यायाधिकरणों और न्यायालयों के समक्ष साक्ष्य के रूप में भी किया जा सकता है।
> साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क की स्थिति का सर्वेक्षण करने के लिये नेटवर्क सर्वेक्षण वाहन (NSV) की अनिवार्य तैनाती से राजमार्गों की समग्र गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
> NSV, 360 डिग्री इमेजरी के लिये उच्च-रिजोल्यूशन डिजिटल कैमरा, लेजर रोड प्रोफिलोमीटर और सड़क की सतह पर किसी संभावित जोखिम की माप के लिये अन्य नवीनतम सर्वेक्षण तकनीकों का उपयोग करता है।

“डेटा लेक” पोर्टल कैसे करेगा मदद ?

NHAI अब यूनिक क्लाउड आधारित एवं आर्टिफिासियल इंटेलीजेंस संचालित बिग डाटा एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म ‘डाटा लेक’ एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट साफ्टवेयर के लॉन्च के साथ ‘पूरी तरह डिजिटल‘ हो गया है। इसके साथ ही सभी परियोजना संबंधित दस्तावेजीकरण, अनुबंधात्मक निर्णय और अनुमोदन अब केवल पोर्टल के माध्यम से ही किये जा रहे हैं। एडवांस एनालिटिक्स के साथ, ‘डाटा लेक पोर्टल’, देरी, संभावित विवाद का पूर्वानुमान लगाएगा और पहले ही चेतावनी दे देगा। यह पोर्टल पारदर्शिता को बढ़ाएगा क्योंकि परियोजना से जुड़े सभी अधिकारी और हितधारक देख सकते हैं कि रियल टाइम कहां पर क्या हो रहा है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) क्या है ?

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का गठन भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1988 के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, अनुरक्षण और प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किया गया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को अन्य छोटी परियोजनाओं सहित, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (National Highways Development Project-NHDP) का कार्य सौंपा गया है। आपको बता दें, राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना भारत में प्रमुख राजमार्गों को उच्च स्तर पर उन्नत, पुनर्व्यवस्थित और चौड़ा करने की एक परियोजना है। इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 1998 में की गई थी।

राष्ट्रीय राजमार्ग क्या होते हैं

भारत में प्रमुख सड़कें राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) का निर्माण, वित्तपोषण और रख-रखाव केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है जबकि राज्य राजमार्गों (SH) संबंधी कार्य राज्यों के लोक निर्माण विभाग द्वारा किये जाते हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रख-रखाव के लिये उत्तरदायी है।

प्रतिदिन 30 किमी से अधिक बन रहे हैं हाईवे

भारत सरकार ने वर्ष 2017 से प्रतिदिन 30 कि.मी. राजमार्ग का निर्माण करने लक्ष्य निर्धारित किया था, अर्थात देश में प्रतिवर्ष 11 हजार कि.मी. राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इस बात से अनुमान लगाया जा सकता है, कि देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास कितनी तीव्र गति से किया जा रहा है |

भारत में कुल कितने राष्ट्रीय राजमार्ग हैं ?

भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों (Nation Highway) की संख्या 200 से अधिक है। ये नेशनल हाईवे भारतीय सड़कों का मात्र 1.8 प्रतिशत भाग है परन्तु यह देश के लगभग 40 प्रतिशत ट्राफिक को कम करते है | यदि हम भारत के सबसे बड़े नेशनल हाईवे की बात करें, तो इसका नाम NH 44 (NH-44) है, जो जम्मू और कश्मीर में श्रीनगर को देश के दक्षिणी भाग में स्थित तमिलनाडु के कन्याकुमारी को जोड़ता है, इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल दूरी 3 हजार 745 कि.मी. है।

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