वैद्य बीबी चौबे को पद्मश्री दिए जाने की मांग

शैलेंद्र पांडे/ मीरा भायंदर।  भयंदर पूर्व स्थिति अमर ज्योति विद्या मंदिर के संस्थापक अध्य्क्ष और साहित्यकार बीबी चौबे को उनके द्वारा हिंदी के प्रचार-प्रसार और हिंदी साहित्य में योगदान को देखकर, सामाजिक संस्थाओं ने पद्मश्री देने की मांग की है।

बी. चौबे ‘ रसिक ‘ की लगभग कई दर्जन हिंदी में उच्च कोटि की साहित्यिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकीं हैं। प्रकाशित रचनाओं में सौंदर्य शतक (दोहा-संग्रह), मेरा सच ( आत्मकथा ), सौंदर्य हजारा ( दोहा-संग्रह), बालगीत (कविता-संग्रह), काव्य-कलश (कविता-संग्रह), रसिक के मुक्तक (मुक्तक-संग्रह), बाल कहानियां ( कहानी-संग्रह), नगाड़ा (काव्य-संग्रह), वक़्त के मोड़ पर (कविता-संग्रह), भूख (दोहा-संग्रह), अरमानों के अहसास (मुक्तक-संग्रह), हलचल

(कविता-संग्रह), बावन पत्ते (ग़ज़ल-संग्रह), हकीकत (कहानी-संग्रह), नेता पुराण (कवितावली, सच के आईने में (ग़ज़ल-संग्रह), इसी तरह धार्मिक पुस्तकों में साईं चालीसा, सांईं भजनमाला, त्रिदेव भजन संग्रह, साईं आरती, साईं चमत्कार, साईं मनका, साईं उपदेश, साईं सद्विचार, साईं एक, रूप अनेक, श्री साईंबाबा व्रतकथा, साईं सबका, साईं सबके, साईं शतक, शनि चालीसा, शनि की जीवनी एवं उसका महात्म्य आदि पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं