नए मामलों में दिल्ली ने मुंबई को पीछे छोड़ा, बनाया नया रिकॉर्ड

नए मामलों में दिल्ली ने मुंबई को पीछे छोड़ा, बनाया नया रिकॉर्ड

दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले हर बीतते दिन के साथ बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार 14 अप्रैल को राजधानी में कोरोना के 17 हजार से ज्यादा नए केस सामने आए। इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों ने सबसे ज्यादा प्रभावित शहर मुंबई को भी पीछे छोड़ दिया है। संक्रमितों की बढ़ी संख्या के साथ ही दिल्ली देश की सबसे बुरी तरह से प्रभावित होने वाला शहर बन गया है।

अधिकारियों के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में एक दिन में आने वाले सबसे ज्यादा मामले 4 अप्रैल को दर्ज किये गए थें जो कि 11,163 था। वहीं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में बुधवार को कोरोना के 17,282 ताजा मामले दर्ज किए गए, जो महामारी की शुरुआत के बाद से राष्ट्रीय राजधानी में सबसे अधिक एक दिवसीय उछाल है, जबकि 100 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

डॉक्टर और विशेषज्ञ हैं परेशान
राजधानी में पिछले कुछ दिनों से कोविड मामलों में आई तेजी ने डॉक्टरों और विशेषज्ञों को भी परेशान कर दिया है। दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल के एक वरिष्ठ सलाहकार सुरजीत चटर्जी ने कहा, यह वायरस हर किसी को अपनी चपेट में ले रहा है। चाहे युवा हो या बूढ़े, वैक्सीनेशन लिया हो या नहीं उससे फर्क नहीं पड़ता. यह वायरस हर किसी को मार रहा है।

बुधवार के बुलेटिन के अनुसार राजधानी में बुधवार को 104 नई मौतें दर्ज की गईं, इसके साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़कर 11,540 हो गई है। बुलेटिन ने कहा कि मंगलवार को किए गए 1.08 लाख टेस्ट रिकॉर्ड से ये नए पॉजिटिव केस सामने आए, जिसमें 15.92 प्रतिशत तक की पॉजिटिविटी रेट दर्ज की गई है।

कोविड रोगियों की संख्या में भारी बढ़त
इससे पहले महामारी की थर्ड स्टेज तक दिल्ली में सबसे ज्यादा एक दिन का स्पाइक 11 नवंबर 2020 को दर्ज किया गया था. उस दिन संक्रमितों की संख्या 8,593 दर्ज किये गए थें. जबकि एक दिन में सबसे ज्यादा मौत 18 नवंबर को दर्ज किया गया था। उस दिन शहर ने 131 मरीजों की मौत हुई थी।

वहीं COVID अस्पताल में बदल दिया गया राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कोविड रोगियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है. 4 अप्रैल से 13 अप्रैल तक, दिल्ली में कुल 77,775 COVID-19 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 234 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई. इसी अवधि के दौरान, बीमारी के कारण 376 लोग मारे गए हैं। एजेंसी

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