दबरई एसबीआई बैंक मैनेजर व कैशियर बने आफत,ग्राहक परेशान

दबरई एसबीआई बैंक मैनेजर व कैशियर बने आफत,ग्राहक परेशान

समय भास्कर,फिरोजाबाद। दबरई स्थित भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर व कैशियर बैंक नियमावली के विरुद्ध उपभोक्ताओं से आचरण कर रहे हैं। शाखा प्रबंधक सुमित कुमार और कैशियर रामअवतार की कार्यशैली बैंक उपभोक्ताओं के लिए आफत बन रही है। बैंक के ग्राहक इनकी कार्यशैली से काफी परेशान रहते हैं।आए दिन एसबीआई दबरई शाखा में दोनों कर्मचारी बैंक आने वाले ज्यादातर ग्राहकों से बदतमीजी भरे लहजे में दुर्व्यवहार करते हैं और उनकी समस्या का निदान नहीं करते जिससे एसबीआई बैंक उपभोक्ता दुखी है।उपभोक्ताओं से बदतमीजी से बात करना,काम में आनाकानी,डांटना फटकारना,उन्हें सही तरह से जवाब ना देना इन बैंक कर्मियों की कार्यशैली का हिस्सा बन चुकी है।बैंक के उपभोक्ताओं ने इन दोनों बैंक कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई कर तत्काल प्रभाव से दबरई शाखा से हटाने की मांग डीएम फिरोजाबाद और एसबीआई बैंक के उच्च अधिकारियों से की है।

कुछ उपभोक्ताओं व अधिवक्ताओं का कहना है कि रोजाना कर्मचारियों,अधिवक्ताओं व अन्य लोगों का एसबीआई बैंक दबरई में आना जाना लगा रहता है।अगर,लोग दबरई स्थित एसबीआई बैंक में अपना खाता खुलवाने,ड्राफ्ट बनवाने,एफडी कराने व बैंक से संबंधित अन्य जानकारियां लेने मैनेजर सुमित कुमार के केबिन में जाएं तो उनका रवैया बैंक में आने वाले लोगों के साथ अच्छा नहीं रहता। मैनेजर व्यक्तियों को सही से जानकारी नहीं देते हैं इससे उपभोक्ता दुखी होकर बैंक से चला जाता है और किसी अन्य बैंक में अपना खाता खुलवा लेता है।बैंक के रेवेन्यू पर इसका काफी फर्क पड़ रहा है।वही दबरई एसबीआई में चपरासी से प्रमोट होकर कैशियर बने राम अवतार भी बैंक के नियमों को तार-तार करने में लगे हुए हैं। प्रतिदिन कैशियर द्वारा उपभोक्ताओं पर झल्लाने के कई मामले देखने को मिलते हैं। आए दिन कैशियर की बैंक उपभोक्ताओं से किसी ना किसी बात पर तकरार होती रहती है।लोगों ने उक्त बैंक कर्मियों के खिलाफ बैंक उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।

लोगों का कहना है कि दबरई में एसबीआई की शाखा कई वर्षों से है इससे पूर्व भी कई प्रबंधक और कर्मचारी आए लेकिन उनका व्यवहार बैंक उपभोक्ताओं से कभी बुरा नहीं रहा।पूर्व बैंक कर्मी आसानी से बैंक से संबंधित उपभोक्ताओं का कार्य निपटा देते थे लेकिन इन बैंक कर्मियों के द्वारा  उपभोक्ताओं का काम अटका का उनको परेशान किया जाता जिससे कस्टमर की समस्याओं का कोई निदान नहीं हो पाता।शिकायत रजिस्टर सार्वजनिक ना होकर मैनेजर के पास ही रहता है जिससे ज्यादातर उपभोक्ता बैंक में अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाते है। बैंक उपभोक्ताओं ने दोनों कर्मियों का दबरई शाखा से ट्रांसफर कर उन पर कठोर कार्रवाई करने की बात मांग की है।
Share