चंद्रप्रभु भगवान और पार्श्वनाथ का जन्म और तप कल्याणक मनाया

समय भास्कर, फिरोजाबाद। नगर में परमपूज्य आचार्य विवेक सागर के सानिध्य मे श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर जैन नगर खेड़ा मे 8वें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु एवं 23 वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का जन्म और तप कल्याणक पूर्ण धार्मिक वातावरण मे मनाया गया। इस अवसर पर प्रातः नित्य नियम पूजा के पश्चात् 24 मण्डलीय विधान का प्रारम्भ शास्त्री कैलाश चंद्र जैन ने कराया। विधान से पूर्व मंदिर कमेटी अध्यक्ष डेविड जैन,राजेश जैन,प्रफुल्लित जैन नीटू जैन आदि ने पूर्ण इंद्र वेश मे आचार्य श्री का पाद परक्षालन किया एवं श्री जी के सम्मुख दीप प्रज्वलन का सौभाग्य पुतीलाल जैन को मिला।

चौबीस मण्डलीय विधान में सोधर्म इंद्र राजेश जैन नीरू जैन,महेन्द्र इंद्र अनूप जैन सु नीता जैन,ईशान इंद्र भानु कुमार जैन,सनत इंद्र स्नेह कुमार जैन बीना जैन के साथ रेखा जैन ममता जैन,रतन प्रभा जैन,महेश जैन,सुबोध जैन,सोनू जैन,ज्योती जैन,सतीश मधु जैन,अखिलेश जैन,बीना जैन,सविता जैन,संजीव जैन,राकेश जैन,मुकेश जैन,कामिनी जैन,मनीष जैन,किरन जैन,जोली जैन,साक्षी जैन,राहुल जैन,नितिन जैन ने संगीतमय पूजन के साथ अर्घ्य चढ़ाये। धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि तीर्थंकर के ही कल्याणक होते हैं मनुष्य के नहीं होते और तीर्थंकर के पाँच कल्याणक होते हैं जिसमे आज हम चंद्र प्रभु भगवान एवं पार्श्वनाथ भगवान के जन्म और तप कल्याणक एक साथ मना रहे हैं। आचार्य श्री ने कहा ज़ब तीर्थंकर माता के गर्भ में आते हैं। तब तीनों लोकों में सुख और शांति हो जाती है। नरक गति में भी जीव उस समय के लिए सुख का अनुभव करता है। सभी जीव अपने अपने कल्याण के लिए तीर्थंकर भगवान से उनके समवशरण में आराधना करने जाते हैं। विधान के पश्चात भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा जैन नगर खेड़ा से ट्रामा सेंटर,गणेश नगर होते हुए मंदिर पर संपन्न हुई। रथयात्रा में सेकड़ों जिनभक्त बेंडबाजों कि मधुर ध्वनि पर थिरकते हुए चल रहे थे। रथयात्रा वापसी के पश्चात् श्री देवी जैन,चंद्र प्रकाश जैन,सच्चा बच्चा परिवार एवं सर्वेश जैन,आकाश जैन,आश्रय जैन द्वारा भोजन व्यवस्था रखी गई थी। रथयात्रा में डॉ.कमल कुमार जैन,राज कुमार जैन,अनुज जैन तुलसी बिहार,रोहित जैन डॉलसी संजीव जैन,प्रिंस जैन,मनोज जैन दद्दा,मुकेश चंद्र जैन,हैप्पी जैन,रजत जैन,अंकुर जैन आदि सेकड़ों जिनभक्त चल रहे थे।

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