दिवाली मास्क पहनकर मनाए

दिवाली मास्क पहनकर मनाए

आगरा। शासन ने दीपावली पर भले ही अपने जिले में हरित पटाखे से आतिशबाजी करने की अनुमति दे दी है लेकिन वायु की गुणवत्ता को देखते हुए मास्क जरूर लगाइए। इससे जहां कोविड-19 के संक्रमण से बचे रहेंगे वहीं सांस संबंधी रोग से भी परेशान नहीं होंगे। दिवाली के त्योहार पर मास्क का उपयोग करके खुशियों वाली दिवाली मनाएं।

सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के विभाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि दशहरा के बाद से ही हवा में नमी आ जाती है और हवा गर्मी की तुलना में अधिक प्रदूषित होने लगती है। ओपीडी में बीते कुछ दिनों से 5 से 15 प्रतिशत तक श्वांस रोगी बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि मास्क पहनना लोगों ने बंद कर दिया है, इस कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में श्वांस, सीओपीडी, अस्थमा सहित जिन मरीजों को कोरोना का संक्रमण हुआ था ऐसे मरीज ट्रिपल लेयर मास्क पहनें। मास्क आपको धूल, धुवां और कोविड संक्रमण से बचाएगा।

डॉ. संतोष ने बताया कि इस वक्त शहर में कंस्ट्रक्शन के कारण धूल उड़ रही है, बाजारों में भी अचानक आवागमन बढ़ा है, वाहनों की गतिविधि बढ़ने से वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जिनके घरों में श्वांस रोगी हैं,वे एक दिन में ही सफाई न करें। धीरे-धीरे करके घर की सफाई करें। उन्होंने कहा कि सफाई करते वक्त ट्रिपल लेयर मास्क पहनें।

ग्रीन पटाखे ही चलाएं
डॉ. संतोष ने कहा कि इस वक्त जो मरीज इन्हेलर लेते हैं, वे डॉक्टर से पूछकर अपनी डोज बढ़ा लें। जो मरीज दवाएं खाते हैं वे अपनी दवाओं को समय से लें। इससे प्रदूषण का श्वांस व फेंफड़ों संबधी रोगियों पर कम प्रभाव पड़ेगा। डॉ. संतोष ने कहा कि दिवाली के अवसर पर ग्रीन पटाखे ही चलाएं और मास्क पहनकर रखें।

क्या करें

•ट्रिपल लेयर मास्क लगाकर ही बाहर निकलें

•आवश्यक हो तभी बाहर निकलें

•इनहेलर साथ लेकर बाहर निकलें

•बंद कमरे में ज्यादा देर नहीं रहें

•प्राणायाम, डीप ब्रीदिंग अभ्यास करें

•खाने में मसाले का उपयोग कम करें

•समस्या होने पर स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें

इन लक्षणों पर लें परामर्श

•सांस तेज या सांस लेने में दिक्कत होने पर

•घबराहट या खांसी आधिक आने पर

•सीने में दर्द या थकान महसूस होने पर

•स्किन, होंठ या नाखूनों पर नीले रंग होने पर

25 जिलों में बिकेंगे हरित पटाखे
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस वर्ष जनवरी से सितंबर तक कई जिलों के वायु गुणवत्ता पर निगरानी की। इसमें पता चला कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, सोनभद्र, गाज़ियाबाद, हापुड़, वाराणसी, नोएडा, फिरोजाबाद, झांसी, बुलंदशहर, प्रयागराज, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, रायबरेली, मथुरा, सहारनपुर, गोरखपुर, उन्नाव, ग्रेटर नोएडा, मुजफ्फरनगर, बागपत, अलीगढ़ और अयोध्या की वायु गुणवत्ता माडरेट है। शासन ने दीपावली के दिन इन शहरों में मात्र दो घंटे आतिशबाजी करने के लिए हरित पटाखे की अनुमति दी।

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