टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने किया क्वालीफाई 

टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने किया क्वालीफाई 

“कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता,एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों ! “

इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है असम कि लवलीना बोरगोहेन ने लवलीना ने टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाजी की 69 किलोग्राम की कैटेगरी के लिए क्वालीफाई किया है। जानकारी के लिए बता दें कि ऐसा करने वाली वह असम की पहली महिला बन गई हैं। इससे पहले वह वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में दो (एक रजत और एक कांस्य पदक) और एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीत चुकी हैं। लवलीना की कहानी जीते जागते संघर्ष की कहानी है। 2 अक्टूबर 1997 को गोलाघाट,असम के गांव बारामुखिया में जन्मीं लवलीना ने अपना करियर एक किकबॉक्सर के तौर पर शुरू किया था,लेकिन बाद में उन्होंने इसे मुक्केबाजी में परिवर्तित कर लिया।

साईं ने दिया मौका,लवलीना ने दिखाया अपना दम

भारतीय खेल प्राधिकरण ने उनके स्कूल में ट्रायल करवाया,जहां लवलीना ने भाग लिया। प्रसिद्ध कोच पदम बोरो ने उनके प्रतिभा को पहचाना और उनका चयन किया।साईं द्वारा शुरूआती अभ्यास के दौरान ही अच्छी कोचिंग मिलने से लवलीना की योग्यता में तेजी से सुधार आया। बोरगोहेन के करियर का सबसे बड़ा अवसर तब आया,जब साल 2018 के राष्ट्रमंडल में वेल्टरवेट मुक्केबाजी श्रेणी में भाग लेने के लिए चुना गया। हालांकि क्वाटरफाइनल में वह ब्रिटेन की सैंडी रयान एस से हार गईं।

मंगोलिया में रजत तो पोलैंड में जीता कांस्य

इसके बाद जून 2018 में बोरगोहेन ने मंगोलिया में रजत पदक जीता और सितम्बर 2018 में पोलैंड में आयोजित 13वीं अंतर्राष्ट्रीय सिलेसियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया I इसके बाद नई दिल्ली में आयोजित एइबीए महिला विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में भी बोरगोहेन ने भारत का प्रतिनिधित्व किया,जहाँ इन्होंने 23 नवंबर 2018 को वेल्टरवेट (69 कि०ग्रा) श्रेणी के अंतर्गत कांस्य पदक जीता।

 

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