बॉम्बे HC ने देशमुख के खिलाफ दिए CBI जांच के आदेश,परमबीर सिंह ने लगाए थे ये आरोप

बॉम्बे HC ने देशमुख के खिलाफ दिए CBI जांच के आदेश,परमबीर सिंह ने लगाए थे ये आरोप

नई दिल्ली।बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिक के पू्र्व कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई की जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए थे। परमबीर सिंह चिट्ठी मामले पर सुनवाई करते हुए हुए हाईकोर्ट ने कहा कि परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए सभी आरोप गंभीर हैं ऐसे में इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की खंड पीठ ने कहा कि यह साधारण’ और अभूतपूर्व’ मामला है जिसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। अदालत ने कहा कि चूंकि राज्य सरकार ने मामले में पहले ही उच्च स्तरीय समिति से जांच कराने के आदेश दे दिए हैं इसलिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की जरूरत नहीं है।

पीठ ने कहा कि सीबीआई को प्रारंभिक जांच 15 दिन के भीतर पूरी करनी होगी और फिर आगे की कार्रवाई पर फैसला लेना होगा। पीठ ने अपना फैसला कई जनहित याचिकाओं (पीआईएल) और रिट याचिकाओं पर दिया जिनमें मामले की सीबीआई जांच और अलग- अलग कदम उठाने का अनुरोध किया गया था। इनमें से एक याचिका खुद सिंह ने दायर की है जबकि दूसरी याचिका शहर की वकील जयश्री पाटिल और घनश्याम उपाध्याय और तीसरी स्थानीय शिक्षक मोहन भिडे ने दायर की थी। पीठ ने सभी याचिकाओं का सोमवार को निस्तारण कर दिया।

उच्च न्यायालय ने कहा, सीबीआई के निदेशक को प्रारंभिक जांच करने की अनुमति है। ऐसी प्रारंभिक जांच कानून के अनुरूप और 15 दिन के भीतर कराने का आदेश दिया जाए। एक बार प्रारंभिक जांच पूरी हो जाए तो आगे की कार्रवाई का फैसला सीबीआई निदेशक के विवेक पर होगा।’ उच्च न्यायालय ने बुधवार को पूरे दिन इन याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

अदालत ने सोमवार को कहा, हम इस बात पर सहमत हैं कि अदालत के सामने आया यह अभूतपूर्व मामला है..देशभुख गृह मंत्री हैं जो पुलिस का नेतृत्व करते हैं। स्वतंत्र जांच होनी चाहिए लेकिन सीबीआई को तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की जरूरत नहीं है।’

परमवीर सिंह ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में देशमुख पर फरवरी मध्य में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर बार-रेस्टोरेंट्स से 100 करोड रुपए की वसूली करने का आरोप लगाया था लेकिन देशमुख ने यह कहते हुए आरोपों को निराधार बताया था कि वह कोरोना पॉजिटिव होने के चलते 5 से 15 फरवरी तक नागपुर के अस्पताल में इलाज करा रहे थे। इसके बाद 16 से 27 फरवरी तक होम आइसोलेशन में रहे थे।मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे आठ पृष्ठों के पत्र में सिंह ने आरोप लगाया है कि देशमुख पुलिस अधिकारियों को अपने आवास पर बुलाया करते हैं और उन्हें बार, रेस्तरां तथा अन्य प्रतिष्ठानों से वसूली का लक्ष्य देते हैं। एजेंसी

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