जयंती:भारत रत्न रसायनज्ञ सी.एन.आर राव 

जयंती:भारत रत्न रसायनज्ञ सी.एन.आर राव 

भारत के प्रसिद्ध रसायनज्ञ प्रो. सी.एन. आर राव का आज जन्मदिन है। पूरी दुनिया रसायनशास्त्र के क्षेत्र में उनकी मेधा का लोहा मानती है। बीते पांच दशकों में उन्होंने सॉलिड स्टेट और मटेरियल केमिस्ट्री पर 45 किताबें लिखी है। इन्हीं विषयों पर उनके 1400 से अधिक शोधपत्र प्रकाशित हुए हैं। विज्ञान के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया है। आइये प्रोफेसर सी.एन. राव की जीवन यात्रा का परिचय पाते हैं।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय से की पढ़ाई

सी.एन. राव का जन्म 30 जून,1934 को बेंगलुरु के एक कन्नड़ परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम नागेश राव और माता का नाम नागम्मा नागेश राव है। सी.एन. आर राव का पूरा नाम चिंतामणि नागेश रामचंद्र राव है। वर्ष 1947 में राव ने अपनी हाईस्कूल परीक्षा पास की। उन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। वहीं पर्ड्यू विश्वविद्यालय से 1958 में पी. एच. डी. की उपाधि अर्जित की। वर्ष 1963 में सी.एन. आर राव भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर में एक संकाय सदस्य के रूप में जुड़े। उन्हें कई विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी प्राप्त हुई है।

रसायन में प्रो. राव का योगदान

प्रो. राव सॉलिड स्टेट और मैटेरियल केमिस्ट्री में अपनी विशेषज्ञता की वजह से जाने जाते हैं। उन्होंने पदार्थ के गुणों और उनकी आणविक संरचना के बीच बुनियादी समझ विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है। वे पचास से अधिक वर्षों से रिसर्च में जुटे हैं। उनके 1400 से अधिक शोध पत्र और 45 किताबें प्रकाशित हुई है। वे इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मैटिरियल साइंस के निदेशक रहे हैं। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से भी वे सम्मानित हो चुके हैं।

भारत रत्न से सम्मानित प्रो. राव

प्रो. सी. एन. राव को भारत के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया है। इसके पूर्व उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया है। उन्हें कर्नाटक राज्य सरकार द्वारा कर्नाटक रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2000 में रॉयल सोसायटी द्वारा डॉ॰ राव को ह्यूज पदक भी प्रदान किया गया।  वे जनवरी 2005 में भारत के प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के प्रमुख के रूप में भी नियुक्त हुए थे।

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