लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय और विकास निगम के गठन को मिली मंजूरी

लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय और विकास निगम के गठन को मिली मंजूरी

लद्दाख। लद्दाख केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के लिए एक केंद्रीय विश्वविद्यालय और एक एकीकृत बहुउद्देश्यीय अवसंरचना विकास निगम के गठन स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट की बैठक के बाद बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया।

पीएम मोदी ने पिछले स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में लद्दाख में एक नए विश्वविद्यालय स्थापित करने का वादा किया था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “मंत्रिमंडल द्वारा आज लिए गए फैसले लद्दाख में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करेगा और वहां के ऊर्जावान युवाओं को काफी मौके उपलब्ध कराएंगे।” कैबिनेट के फैसले के बाद आज लद्दाख के उपराज्यपाल आरके माथुर ने प्रधानमंत्री से मुलाकात भी की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लद्दाख को लेकर लिए गए इन फैसलों के बाद लिखा, “दशकों से विकास से दूर रहे लद्दाख के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने लद्दाख में 750 करोड़ रुपए से केंद्रीय विश्वविद्यालय और 25 करोड़ रुपए के फंड से इंटीग्रेटेड मल्टी कॉर्पोरेशन के गठन को मंजूरी देकर एक ऐतिहासिक पहल की है। इस निर्णय पर मोदी जी का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूं।”

उन्होंने कहा, “एक ओर ये यूनिवर्सिटी लद्दाख के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा सुविधा प्रदान करेगी जिससे आगे चलकर वें देश व क्षेत्र के विकास में अपना योगदान दे सकेंगे।तो दूसरी ओर इस इंटीग्रेटिड मल्टी कॉर्पोरेशन से स्थानीय उद्योगों का विकास होगा,जिससे क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।”

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि यह निगम लद्दाख में आधारभूत ढांचा निर्माण के संबंध में मुख्य एजेंसी का काम करेगा और बुनियादी ढांचे के निर्माण में सहयोग करेगा।साथ ही निगम उद्योग,पर्यटन,परिवहन और स्थानीय एवं हस्तशिल्प के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए काम करेगा।

सरकारी बयान के अनुसार,निगम की अधिकृत शेयर पूंजी 25 करोड़ रुपए होगी और आवर्ती व्यय लगभग 2.42 करोड़ रुपये प्रति वर्ष होगा।यह नया प्रतिष्ठान होगा।अभी केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में ऐसा कोई प्रतिष्ठान नहीं है।इसमें कहा गया कि इस निगम के लिए प्रबंध निदेशक का एक पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई।निगम की स्थापना से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का समावेशी और एकीकृत विकास होगा।इसके बदले में,यह पूरे क्षेत्र और केंद्र शासित प्रदेश की आबादी के सामाजिक-आर्थिक विकास को सुनिश्चित करेगा।

कैबिनेट की प्रेस रिलीज के मुताबिक,जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के अनुसार तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के परिणामस्वरूप,केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (विधानमंडल के बिना) 31 अक्टूबर 2019 को अस्तित्व में आया।जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा-85 के तहत एक सलाहकार समिति का गठन किया गया था,जो तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य की संपत्ति और देनदारियों के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के बीच विभाजन के संबंध में सिफारिशें करने के लिए थी।समिति ने अन्य बातों के साथ-साथ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह एकीकृत विकास निगम लिमिटेड की तर्ज पर लद्दाख एकीकृत बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड की स्थापना के लिए सिफारिश की है। इसमें बताया गया है कि इसी के अनुरूप लद्दाख ने सरकार को निगम की स्थापना के लिए एक प्रस्ताव भेजा था।

 

 

 

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