देश में बन रहा अपाचे जैसा हेलिकॉप्टर,बुलेट प्रूफ जैकेट,एके-103 राइफल

देश में बन रहा अपाचे जैसा हेलिकॉप्टर,बुलेट प्रूफ जैकेट,एके-103 राइफल

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत भारत में अपाचे जैसा हेलिकॉप्टर के विनिर्माण का रास्ता खुला है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने भारतीय सेना के लिए युद्धक हेलिकॉप्टर बनाने के मेगा प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। एचएएल के मुताबिक 10 से 12 टन के ये हेलिकॉप्टर दुनिया के बेहतरीन हेलिकॉप्टर्स की तरह आधुनिक और शक्तिशाली होंगे।एचएएल के प्रमुख आर माधवन ने कहा है कि जमीनी स्तर पर काम शुरू किया जा चुका है और 2027 तक इन्हें तैयार किया जाएगा। इस मेगा प्रोजेक्ट का लक्ष्य आने वाले समय में सेना के तीनों अंगों के लिए 4 लाख करोड़ रुपये के सैन्य हेलिकॉप्टर्स के आयात को रोकना है।

सेना के जवानों के लिए स्‍वदेशी बुलेट प्रूफ जैकेट

केंद्र सरकार ने सेना की जरूरतों को देखते हुए 1.86 लाख स्वदेशी बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदने के लिए अनुबंध किया है। सेना के लिए कारगर बुलेट प्रूफ जैकेटों की जरूरत को युद्ध क्षेत्र के लिए सफलतापूर्वक आवश्यक परीक्षण करने के बाद पूरा किया गया है। ‘भारत में बनाओ, भारत में बना खरीदो’ के रूप में इस मामले को रखा गया है। स्वदेशी बुलेट प्रूफ जैकेटें एडवांस टेक्नोलॉजी से बनी हैं, जिनमें रक्षा का अतिरिक्त स्तर और कवरेज क्षेत्र है। श्रम-दक्षता की दृष्टि से डिजाइन की गई बुलेट प्रूफ जैकेटों में मॉड्यूलर कलपुर्जे भी शामिल किए गए हैं, जो लम्बी दूरी की गश्त से लेकर अधिक जोखिम वाले स्थानों में कार्य कर रहे सैनिकों को संरक्षण और लचीलापन प्रदान करते हैं।

मेक इन इंडिया के तहत बनाई जाएंगी कलाश्निकोव राइफल

मेक इन इंडिया के तहत अब दुनिया के सबसे घातक हथियारों में से एक गैस आधारित कलाश्निकोव राइफल एके-103 भारत में बनाए जाएंगे। भारत और रूसी हथियार निर्माता कंपनी कलाश्निकोव मिलकर एके-47 का उन्नत संस्करण एके-103 राइफल बनाएंगे। सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे भारत में बनाया जाएगा। इसे भारत से निर्यात भी किया जा सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि इस राइफल का निर्माण पहले सोवियत संघ में किया जाता था।

 

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