एंटीबायोटिक दवाओं से कमजोर होती रोग प्रतिरोधक क्षमता

एंटीबायोटिक दवाओं से कमजोर होती रोग प्रतिरोधक क्षमता

जब भी हमें छोटी-मोटी सेहत समस्या,हल्का सा दर्द व घाव आदि होता है,तो हमारा शरीर उसे अपने आप ठीक करने में भी सक्षम होता है। लेकिन कई लोग जरा सी भी परेशानी होने पर अत्यधिक एंटीबायोटिक का सेवन करते हैं। अगर आप भी उन्हीं में से है तो आइए, आपको बताते हैं कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर होने से बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए –

एंटीबायोटिक – हममें से कई लोगों की आदत होती है, एंटीबायोटिक्स दवाओं का अत्यधिक सेवन करना। लेकिन गैरजरूरी समय पर इनका सेवन करने से आपकी प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। अत्यधिक जरूरत के समय ही एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करें।

औषधियां – जब भी आप वायरल या शारीरिक दर्द महसूस करें, ऐसी आयुर्वेदिक या घरेलू औषधि अपने साथ रखें जो प्रतिरोधकता बनाए रखती हैं।

नींद – पर्याप्त नींद न होना आपके दिमाग और शरीर को बेवजह थकावट देता है और आपकी प्रतिरोधता भी कम होती है। हर दिन 8 घंटे की नींद आपको स्वस्थ और खुशगवार रखने में सहायक है।

शुगर – शकर खाने से मनाही नहीं है, लेकिन अतिरिक्त शर्करा से भरे खाद्य पदार्थ जैसे सोडा, एनर्जी ड्रिंक,जूस व अन्य पदार्थों से दूरी बनाएं। यह आपकी सेहत का पूरा हिसाब गड़बड़ कर देंगे, और प्रतिरोधकता में कमी भी।

धूप है जरूरी- त्वचा को अगर धूप से बचाते हैं, तो विटामि‍न डी की कमी हो सकती है। बल्कि धूप लेना प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए फायदेमंद साबित होता है। इसलिए पर्याप्त धूप लेने का नियम बनाएं।

जिंक – जिंक की पर्याप्त मात्रा का सेवन भी प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने का एक बेहतरीन विकल्प है। इसके लिए अलग से जिंक की गोलियां खाने के बजाए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें, जिनसे आपको नैचुरल जिंक प्राप्त हो।

पत्तेदार सब्जियां- पत्तेदार सब्जियां या फिर सलाद जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन खूब करें। इनसे प्राप्त होने वाले एंजाइम्स आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करते हैं और हर तरह का पोषण प्रदान करते हैं, जिसकी आपको जरूरत है।

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