आगरा: भाई ने खेल-खेल में मालगाड़ी के आगे दो साल के मासूम को फेंका,वीडियो में देखिये कैसे बची जान

आगरा। आगरा-नई दिल्ली रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी के लोको पायलट की सूझबूझ से एक मासूम की जान बाल-बाल बची। मासूम को किशोर भाई ने खेल-खेल में रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका और बच्चे को सकुशल उसकी मां को सौंप दिया। घटना का वीडियो वायरल होने पर लोको पायलट की रेलवे मंडल में प्रशंसा हो रही है।

कहते हैं ‘जाको राखे साईंयां मार सके न कोय।’ यह कहावत एक बार फिर चरितार्थ हो गई। नई दिल्ली की ओर से गत दिवस दोपहर करीब 02.33 बजे मालगाड़ी ने बल्लभगढ़ स्टेशन पार किया ही था कि ट्रैक के समीप खेल रहे किशोर ने दो साल के बच्चे को ट्रेन के आगे फेंक दिया। मालगाड़ी के लोको पायलट दीवार्न

आगरा: भाई ने खेल-खेल में मालगाड़ी के आगे दो साल के मासूम को फेंका,बची जान

आगरा: भाई ने खेल-खेल में मालगाड़ी के आगे दो साल के मासूम को फेंका,बची जान

Posted by Samay Bhaskar on Wednesday, 23 September 2020

सह और असिस्टेंट लोको पायलट अतुल आनंद घटनाक्रम देखकर हड़बड़ा गए। तत्काल संतुलन बनाते हुए ट्रेन के इमरजेंसी ब्रेक लगाए। खंभा संख्या 1499/13 किमी पर मालगाड़ी रुकी। लोको पायलट-असिस्टेंट लोको पायलट कूदकर गाड़ी से उतरे। बच्चे को इंजन के पहियों के बीच फंसा देखकर उनकी भी जान एकबारगी हलक में अटक गई। हालांकि बच्चे को सकुशल देख उन्हें सुकून आया।

लोको पायलट दीवान सिंह ने बच्चे को इंजन के नीचे से निकाला और नजारा देखकर विलाप करती उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। घटना की जानकारी लोको पायलट ने आगरा छावनी स्टेशन पर वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता उत्तर मध्य रेलवे को दी। इधर, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिससे सभी ने लोको पायलट की प्रशंसा की। सीनियर डीसीएम और पीआरओ संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि लोको पायलट ने रेलवे का मान बढ़ाया है। उनके काम की जितनी तारीफ की जाए वो कम है। एजेंसी