रस्सी कूदने के फायदे । rassi kudne ke fayde।

रस्सी कूदने के फायदे । rassi kudne ke fayde।

अपने आप को फिट रखने के लिए आपको किसी प्रकार की भाग दौ़ड़ करने की जरूरत नहीं है। आपको केवल Rassi Kudne की आदत बनानी होगी। रस्सी कूदने के फायदे (Rassi Kudne Ke Fayde) बेहिसाब हैं, लेकिन शायद ही आप इसके बारे में जानते हों। फिटनेस को बनाए रखने के लिए लोग ना जाने क्या क्या करते दिखाई देते हैं। लेकिन फिर भी अपने बढ़ते वजन पर रोक नहीं लगा पाते। मगर रस्सी कूदने से आप ना केवल अपनी फिटनेस को बरकरार रख पाएंगे बल्कि आपको इसके बहुत से अन्य लाभ भी मिलेंगे। इस एक्सरसाइज की सबसे खास बात यह है कि इसे कहीं से भी किया जा सकता है। महज 15 से 20 मिनट में ही आप बहुत सी कैलोरी बर्न कर सकते हैं। आइए जानते हैं Rassi Kudne Ke Fayde के बारे में………….

रस्सी कूदने के फायदे ।rassi kudne ke fayde।

दोस्तों एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी हर व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन आज कल के दौर में वक्त की कमी की वजह से लोग एक्सरसाइज कर ही नहीं पाते। जिसकी वजह से शरीर में कई तरह की भयंकर बीमारियां बढ़ने लगती हैं। इसलिए हम आज आपके सामने एक छोटा सा उपाय लाए हैं। जिसे अपना कर आप आसानी से खुद को फिट रख सकते हैं। सबसे अच्छी बात कि यह सिर्फ आप 200 से 300 रूपए में कर सकते हैं। इसके लिए आपको रोजाना केवल 15 मिनट से लेकर आधे घंटे तक का समय निकालना होगा। इसे आप अपने घर की छत पर भी कर सकते हैं।

कैलोरी जलाने में रस्सी कूदना फायदेमंद
दोस्तो यह बात तो हम सभी जानते हैं कि जब भी हम किसी खाद्य सामग्री का सेवन करते हैं तो हम असल में अपने शरीर में कैलोरी की मात्रा ले रहे होते हैं। जब यह कैलोरी कम जलने लगती हैं तो इसका असर हमारे वजन में दिखना शुरू हो जाता है। वही रस्सी कूदने से हम आसानी से कैलोरीज जला सकते हैं। आपको यह जानकर बेहद हैरानी होगी कि महज कुछ मिनट रस्सी कूदने से शरीर में बहुत सी कैलोरीज आसानी से जल जाती हैं। जिसके बाद आप फिट होने लगते हैं और मोटापा कम होने लगता है।

जोड़ों के लिए लाभदायक है स्किपिंग रोप
बढ़ती उम्र या बिना किसी फिजिकल एक्टविटी के, अक्सर लोगों को जोड़ों में भयंकर दर्द होने लगता है। वहीं अगर रोजाना रस्सी केवल कुछ ही मिनट कुदनी शुरू की जाए तो इससे कंधे, घुटने, टखने और कुल्हे के जो़ड़ों की गतिविधि अधिक होती है। स्किपिंग रोप के जरिए कूदने की वजह से ही जोड़ अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इस एक्सरसाइज के कारण भविष्य में जोड़ो की समस्या भी पैदा नहीं होती। बेहतर परिणाम के लिए आप कम से कम 10 मिनट रस्सी जरूर कूदें।

हृद्य को सुरक्षित रखता है रस्सी कूदना
हृद्य हमारे शरीर के सबसे अहम हिस्सों में से एक है। इसी की वजह से हमारे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन होता है। लेकिन लोग इसी का सबसे कम ध्यान रखते हैं। बेकार की चीजो को खाना और एक्सरसाइज ना करना दिल की बीमारी के जोखिम को बढ़ा सकता है। ऐसे में रोजाना रस्सी कूदने से हृद्य की क्षमता बढ़ने लगती है। इस एक्टिविटी के कारण हार्ट स्ट्रोक का खतरा भी कम होता है। रस्सी कूदने के ऐसे ही कई ओर फायदे भी हैं।

स्टेमिना बढ़ाने के लिए कूदे रस्सी
उम्र के साथ या किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी ना हो पाने की वजह से लोगों का स्टेमिना भी कमजोर होने लगता है। जिसकी वजह से लोग बहुत जल्दी थक जाते हैं। लेकिन रस्सी कूदने के लाभ आपको स्टैमिना बढ़ाने में देखने को मिलते हैं। यह एक ऐसी एक्सरसाइज में शामिल है जो आपको बिना अधिक थकाए आपकी सारी बॉडी पार्ट्स को एक्टिवेट करती है। इसलिए स्टैमिना बढ़ाने के लिए रस्सी कूदना फायदेमंद माना गया है।

मोटर फंक्शन के सुधार में रस्सी कूदने के लाभ
मोटर फंक्शन हमारे मांसपेशियों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है। आज कल की दिनचर्या में मांसपेशियों का ध्यान रखना अधिक मुश्किल हो गया है। पर अगर रोजाना केवल 15 से 20 मिनट रस्सी कूदी जाए तो मोटर फंक्शन को बेहतर बनाया जा सकता है। आमतौर पर इसे बच्चों के लिए बहुत अधिक फायदेमंद माना गया है।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर है रस्सी कूदना
हर व्यक्ति के लिए शारीरिक गतिविधिया बहुत जरूरी है। ऐसी ढ़ेरो रिसर्च सामने आई हैं जिनमे बताया गया है कि जो लोग फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते वह आसानी से डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। वहीं ऐसे लोग जो अपने लिए जिम जाने या सैर पर जाने का समय नहीं निकाल पाते उनके लिए मस्तिष्क को स्वस्थ्य रखने के लिए रस्सी कूदना बेहद जरूरी है।

प्लमोनरी से जुड़ी समस्या में सुधार लाता है रस्सी कूदना
आज के समय में अगर सबसे अधिक किसी चीज में बदलाव आया है तो वह है खान पान में। वक्त के साथ साथ लोग अपने खान पान को लेकर और भी अधिक लापरवाह होते जा रहे हैं। जिसकी वजह से फेफड़ों से जुड़ी कई तरह की समस्या पैदा होती हैं। इन्ही में से एक है पल्मोनरी की। इस समस्या की वजह से पूरी सांस प्रणाली प्रभावित होती है। ऐसे में इस समस्या से निपटने के लिए और खुद को बीमारियों से बचाने के लिए रस्सी कूदने के विकल्प के बारे में सोचा जा सकता है।

रस्सी कूदने के लाभ बोन डेंसिटी में
आज के वक्त में लोग अपनी खराब लाइफ स्टाइल के चलते ऑस्टियोपोरोसिस और उससे जुड़ी कई तरह की समस्या से ग्रसित हैं। इसके कारण व्यक्ति की हड्डी इतनी कमजोर हो जाती है कि जरा सा झटका लगने पर ही टूट जाती हैं। इसके लिए कई तरह के शोध किए जा चुके हैं। इनमे से एक में तो लड़कियों के दो समूहो को लिया गया था जिसमें लड़किया बोन डेंसिटी की समस्या से परेशान थी। इन लड़कियों को कुछ समय तक रस्सी कूदने के लिए कहा गया है। इसके बाद जो परिणाम आए वह हैरान करने वाले थे। महज रस्सी कूदने से लड़कियों की बोन डेंसिटी में सुधार देखने को मिला था।

लंबाई बढ़ाने में रस्सी कूदने के फायदे
अगर आप अपनी लंबाई को लेकर अक्सर परेशान रहते हैं तो समझ लिजिए की आपकी समस्या खत्म हो गई। ऐसे कई शोध हुए हैं जिनमें पाया गया है कि जो लोग रस्सी कूदते हैं उनकी लंबाई तेजी से बढ़ने लगती है। हालांकि इस पर अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। लेकिन लंबाई बढ़ाने के लिए रस्सी कूदी जा सकती है।

दोनों पैरों से स्किपिंग करना
रस्सी कूदने में सबसे पहला तरीका रस्सी कूदने का दोनो पैरों के जरिए है। इसमें आपको सबसे पहले सीधा खड़ा होना होता है और दोनों पैरों की मदद से स्किपिंग शुरू करनी होती है। पहली बार रस्सी कूदने की शुरुआत करने वाले लोगों के लिए यह सबसे बेहतर तरीका है रस्सी कूदने का।

एक पैर से रस्सी कूदना
जब आप लंबे समय तक रस्सी कूदने लगेंगे तो आप इसे भी आजमा सकते हैं। एक पैर से रस्सी कूदने के लिए आपको अपने एक पैर को पूरी तरह हवा में रखना होता है और इसके बाद रस्सी कूदनी होती है। ऐसे जो भी लोग हैं जिन्होंने हाल ही में रस्सी कूदना शुरू किया है वह इसे ना करें।

क्रीस क्रोस स्किपिंग
यह एक व्यक्ति तब करता है जब वह बहुत अधिक अनुभवी हो जाता है। इस प्रक्रिया में आपको रस्सी कूदते हुए केवल अपने दोनो हाथों को सामने की ओर लाकर क्रोस करना होता है। इसे आप तभी आजमाएं जब आप अच्छी तरह स्किपिंग करना सीख गए हों, वरना इस प्रक्रिया में आप चोटिल भी हो सकते हैं।

रस्सी कूदने का सही समय -Right Time to do Skipping in Hindi
दोस्तों जिस तरह किसी भी एक्सरसाइज को करने का एक समय होता है आप उसी तरह आप रस्सी कूदने का समय निर्धारित करके रखें। आप चाहें तो सुबह खाली पेट हल्के वार्म अप के बाद रस्सी कूदना शुरू कर सकते हैं। या फिर आप शाम के समय भी आप रस्सी कूद सकते हैं। बस खाने के तुरंत बाद रस्सी ना कूदें।

इन्हे नहीं कूदनी चाहिए रस्सी – These People Should Avoid Skipping in Hindi
रस्सी कूदना यकीनन फायदेमंद है लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल भी नहीं है कि हर व्यक्ति को यह करना चाहिए। कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से जूझ रहे लोगों को रस्सी कूदने से परहेज रखना चाहिए। आइए जानते हैं किन्हे नहीं कूदनी चाहिए रस्सी

इस तरह के लोग ना कूदे रस्सी
दिल से जुड़ी किसी तरह की बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को रस्सी कूदने से परहेज करना चाहिए।
हाई ब्लड प्रैशर की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी रस्सी कूदने से परहेज करना चाहिए।
अगर आपको अस्थमा या सांस से जुड़ी अन्य कोई समस्या है तो आपको भी रस्सी नहीं कूदनी चाहिए।
अगर आपका किसी तरह ऑपरेशन हुआ है या फिर आपने किसी प्रकार की सर्जरी करवाई है और वह अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। तो आपको भी रस्सी नहीं कूदनी चाहिए।
हड्डियों से संबंधित किसी तरह की समस्या होने पर भी रस्सी कूदनी नहीं चाहिए।
अगर आप इनमें से किसी भी तरह की समस्या से पीड़ित हैं तो आप केवल डॉक्टर की सलाह के बाद ही स्किपिंग करें वरना इसके फायदे से ज्यादा आपको नुकसान हो सकते हैं।

रस्सी कूदने के नुकसान – Side Effects of Skipping in Hindi
दोस्तो जिस तरह रस्सी कूदने के लाभ हैं उसी तरह इसके नुकसान भी हैं। इसलिए आप इनके बारे में भी जान लें।

रस्सी कूदने से होने वाले नुकसान
अधिक रस्सी कूदने से आपके काफ्स मे दर्द हो सकता है।
रस्सी कूदने से तलवे में भी दर्द हो सकता है।
गलत तरह से रस्सी कूदने से पैरों में मोच आ सकती है।
रस्सी कूदते समय रस्सी के टूटने की वजह से भी कई बार चोट लग सकती है।
इसके अलावा अगर आप अधिक स्किपिंग करते हैं तो आपको थकावट महसूस हो सकती है।

Share