प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने से पहले भक्तों के लिए, नया ड्रेस कोड होगा जारी

वाराणसी- वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने से पहले भक्तों के लिए एक ड्रेस कोड लागू करने का फैसला किया है. गर्भगृह में ज्योतिर्लिंग (जिसे स्पर्श दर्शन कहा जाता है) को छूने वाले भक्तों को अब धोती-कुर्ता पहनना होगा. एक रिपोर्ट के अनुसार मंदिर प्रशासन ने रविवार शाम को काशी विद्या परिषद (शहर के संस्कृत विद्वानों और वैदिक विशेषज्ञों का सबसे पुराना और मान्यता प्राप्त निकाय) के साथ बैठक करने के बाद यह निर्णय लिया है.

पैंट, शर्ट और जींस पहनने वाले केवल दूर से ही देवता की पूजा कर सकेंगे. उन्हें गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. रिपोर्ट के अनुसार इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे यूपी के पर्यटन और धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने पार्षद सदस्यों से इस बारे में सुझाव मांगे कि वे समय-समय पर दर्शन के लिए समय निकालें, ताकि कई और भक्त ज्योतिर्लिंग का स्पर्श कर सकें.

प्रोफेसर रामचंद्र पांडे और परिषद के अन्य सदस्यों ने सर्वसम्मति से कहा कि समय को सुबह 11 बजे तक बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने सुझाव दिया कि आदर्श दर्शन करने के लिए एक ड्रेस कोड होना चाहिए. चर्चा के बाद धोती-कुर्ता पुरुष भक्तों के लिए पोशाक के रूप में तय किया गया और महिला भक्तों के लिए साड़ी तय की गई. परिषद सदस्यों ने अर्चकों (मंदिर में पूजा करने वाले पुजारी) के लिए एक ड्रेस कोड तय करने के सुझाव भी दिए. एजेंसी