A++ केटेगरी का आतंकी ढेर,9 साल से कश्मीर में था एक्टिव

A++ केटेगरी का आतंकी ढेर,9 साल से कश्मीर में था एक्टिव

जम्मू-कश्मीर ।  कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में बुधवार (7 जुलाई 2021) को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर मेहराजुद्दीन हलवाई मारा गया। मेहराजुद्दीन हलवाई उर्फ उबैद कई बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दे चुका था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस कई सालों से उसकी तलाश कर रही थी। घाटी में पिछले 9 सालों से सक्रिय मेहराजुद्दीन सिर्फ 12वीं पास था। लेकिन वह आधुनिक संचार तकनीकी का बेहद कुशलता से इस्तेमाल करता था। इसकी वजह से वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था।

वह तकनीक के इस्तेमाल से अन्य आतंकियों के साथ संवाद करता। आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचता और उन्हें अंजाम देता था। इंटरनेट के जरिए वह युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने से लेकर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए धन भी जुटाया करता था।

कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने बताया, “आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सबसे पुराने और कुख्यात आतंकवादियों में से एक मेहराजुद्दीन हलवाई उर्फ उबैद हंदवाड़ा में हुई मुठभेड़ में मारा गया। वह आतंकवाद की कई घटनाओं में शामिल था। यह एक बड़ी सफलता है।”

जम्मू-कश्मीर पुलिस के रिकॉर्ड में मेहराजुद्दीन हलवाई एक A++ कैटेगरी (मोस्टवांटेड) का आतंकवादी था। उसने युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ वाली जगह से आपत्तिजनक सामग्री, हथियार, गोला-बारूद और दवाएँ बरामद की गई हैं।

उबैद उत्तरी कश्मीर में कई सालों से सक्रिय था और कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। पुलिस ने कहा है, “वह हिजबुल मुजाहिदीन के खतरनाक आतंकवादी बुरहान वानी के साथ का था। बुरहान दक्षिण कश्मीर में शहरियों, सिक्योरिटी फोर्सेज के कत्ल के मामलों में शामिल था। वहीं मेहराजुद्दीन हलवाई उत्तरी कश्मीर में नागरिकों, सुरक्षा बलों की हत्या में शामिल था।” मालूम हो कि बुरहान वानी 8 जुलाई 2016 को एक मुठभेड़ में मारा गिराया गया था।

बता दें कि मेहराजुद्दीन के खिलाफ विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज किए गए थे। उसने जुलाई 2013 में उन्टू हमाम सोपोर के एसपीओ मुदासिर अहमद डार की हत्या की हत्या थी। 26 जुलाई 2013 को क्रैंकशिवन के सरपंच खजीर मोहम्मद परे पर हमला किया था और गोरीपोरा बोमई के सरपंच हबीबुल्लाह मीर की हत्या के साथ हार्डशिवा सोपोर की पंच जुना बेगम पर भी हमला करवाया था। इसके अलावा उसने अप्रैल 2013 में सोपोर में अपने साथियों के साथ पुलिस दल पर हमला किया था, जिसमें चार पुलिसकर्मी वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

 

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