एक ही स्कूल में पढ़े हैं आडवाणी और मुशर्रफ, 92 साल के हुए लालकृष्ण आडवाणी

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नई दिल्ली। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का आज 92वां जन्मदिन है। बधाई देने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज उनके आवास पहुंचे। इससे पहले प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर उनको जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि देश के नागरिकों को मजबूत करने के लिए लिए लाल कृष्ण आडवाणी जी के योगदान को देश हमेशा याद रखेगा। मैं उनके जन्मदिन पर बधाई देता हूं और प्रार्थना करता हूं कि वह स्वस्थ्य और दीर्घायु हों।

लालकृष्ण आडवाणी का जन्म पाकिस्तान के कराची में 8 नवंबर, 1927 को एक हिंदू सिंधी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम किशनचंद आडवाणी और मां का नाम ज्ञानी देवी है। इनके पिता एक उद्यमी थे, इनकी शुरुआती शिक्षा कराची के सेंट पैट्रिक हाई स्कूल में हुई।

पाकिस्तान छोडक़र मुंबई में बसा परिवार बंटवारे के बाद इनका पूरा परिवार पाकिस्तान छोडक़र मुंबई आकर बस गया। यहां उन्होंने लॉ कॉलेज ऑफ द बॉम्बे यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की। इनकी पत्नी का नाम कमला आडवाणी है,इनके बेटे का नाम जयंत आडवाणी और बेटी का नाम प्रतिभा आडवाणी है। आडवाणी पद्म विभूषण से सम्मानित हैं।

आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जरिए अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। 1947 में आडवाणी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सचिव बने थे। 1970 में पहली बार आडवाणी राज्यसभा के सांसद बने। आडवाणी 1998 से 2004 के बीच एनडीए सरकार में गृहमंत्री रह चुके हैं। आडवाणी 2002 से 2004 के बीच देश के सातवें उप प्रधानमंत्री रह चुके हैं। 2015 नें उन्हें भारत के नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया है।

एक ही स्कूल के छात्र रहे हैं आडवाणी और मुशर्रफ आपको जानकर हैरत होगी कि आडवाणी और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कराची के एक ही स्कूल सेंट पैट्रिक हाईस्कूल में पढ़ाई की है। यही नहीं इन्होंने कराची के मॉडल हाईस्कूल में एक अध्यापक के तौर पर नौकरी की है। 1980 में भारतीय जनता पार्टी बनने के बाद से उन्होंने सबसे ज्यादा समय तक पार्टी के अध्यक्ष का पद संभाला।

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