केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड बना दुनिया का पहला बोर्ड, बच्चें पढेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

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दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इसी सत्र से स्कूल पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नए विषयों के तौर पर शामिल करने जा रहा है। सीबीएसई ही दुनिया में पहला बोर्ड होगा, जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर पाठ्यक्रम तैयार किया है। इस पाठ्यक्रम को इंटेल (चिप बनाने वाली कंपनी) की मदद से तैयार किया गया है। सीबीएसई ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस विषय को प्रेरक पहल के तहत शुरू करने का फैसला किया है। सीबीएसई के मुताबिक,हमने शैक्षणिक सत्र 2019-20 से 9वीं कक्षा से वैकल्पिक विषय के रूप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शुरू किया है।

इसके साथ ही आठवीं कक्षा में हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बतौर विषय पेश करने जा रहे हैं। अब तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कहीं भी सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम नहीं बना। उन्होंने कहा, इस पाठ्यक्रम को इंटेल (चिप बनाने वाली कंपनी) की मदद से तैयार किया गया है।

शुरुआत में यह कोर्स 12 घंटे की अवधि का होगा। इस कोर्स के लिए प्रशिक्षण कार्य भी शुरू किया जाएगा। वहीं नौवीं कक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पाठ्यक्रम 112 घंटे का है और इसे 168 कक्षाओं में बांटा गया है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय 12 घंटे का है। एआई प्रोजेक्ट चक्र26 घंटे,न्यूरल नेटवर्क 4 घंटे तथा पाइथन का परिचय विषय 70 घंटे का है।

कक्षा एक से 10 तक बोर्ड के स्कूलों में सह शैक्षणिक क्षेत्र के रूप में कला शिक्षा अनिवार्य होगी। इस पहल के तहत बोर्ड द्वारा जारी हस्तपुस्तिका में यह बताया गया है कि कला,पाठ्यक्रम के एक अभिन्न अंग के रूप में जारी रहेगी। इसके साथ ही 5-6 स्कूलों को मिलाकर क्लस्टर तैयार करने की पहल की है जिसके जरिए वे आपस में एक-दूसरे की अच्छी चीजों को साझा कर सकते हैं और एक-दूसरे से सीख सकते हें। बोर्ड ने शिक्षा को बेहतर,सहज एवं सुलभ बनाने के लिए 10 मार्गदर्शिका तैयार की हैं। इसमें एक प्रमुख मार्गदर्शिका स्कूल गुणवत्त्ता मैनुअल शामिल है।

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