कांग्रेस को नहीं, सपा-बसपा को वोट करें मुसलमान : मायावती

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लखनऊ। रविवार को उत्तर प्रदेश के देवबंद में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का चुनावी भाषण, जिसमें उन्होंने मुसलमानों से सपा-बसपा गठबंधन के लिए वोट करने का आह्वान किया। चुनाव आयोग के घेरे में आ गया है। माना जाता है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी लक्कू वेंकटेश्वरलू के कार्यालय ने मायावती के भाषण का संज्ञान लिया है,जहां उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं से बसपा-सपा गठबंधन के लिए वोट करने की अपील की है।

मायावती ने आरोप लगाया कि केंद्र की पिछली कांग्रेस सरकार की ही तरह मौजूदा भाजपा सरकार ने दलितों, पिछड़ों, मुस्लिम तथा अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों का कोई खास विकास नहीं किया। पूरे देश में आरक्षण का कोटा खाली पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में भ्रष्टाचार काफी हद तक बढ़ा है और रक्षा सौदे भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। कांग्रेस सरकार में बोफोर्स और मोदी सरकार में राफेल मामला इसका सुबूत है।

उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं से आह्वान करते हुए कहा कि कांग्रेस नहीं बल्कि सिर्फ महागठबंधन ही भाजपा से लड़ सकता है। कांग्रेस ने महागठबंधन को हराने के लिए ही अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं। अगर भाजपा को हराना है तो मुस्लिम बिरादरी के सभी लोग अपना वोट बांटने के बजाय महागठबंधन को एकतरफा वोट दें।

ये सपा-बसपा और आरएलडी की साझा रैली थी। महागठबंधन के सहयोगी बसपा प्रमुख मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया चौधरी अजित सिंह ने किसी चुनावी रैली में पहली बार मंच साझा करते हुए कहा कि इस बार चुनाव में गरीब, दलित तथा अल्पंसख्यक मिलकर जुमलेबाजों को सबक सिखाएंगे।

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