भारत का एक ऐसा मंदिर जहां रूकना है मना

Maihar mata:भारत का एक ऐसा मंदिर जहां रूकना है मना

धर्म डेस्क। आज भी आल्हा और ऊदल आकर सबसे पहले माता शारदा की पूजा करते हैं और इसके बाद ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खुलते हैं। आपको बता दें कि जिला सतना की मैहर तहसील के पास त्रिकूट पर्वत पर मैहर देवी का मंदिर है। यहां के लोगों की मान्यता के अनुसार आल्हा और ऊदल माता के सबसे बड़े भक्त थे और आल्हा को मां शारदा देवी के आशीर्वाद से 12 साल के लिए अमरत्व प्राप्त हुआ था।

आल्हा मां को शारदा माई कहकर पुकारता था और इसी वजह से यहां विराजमान मां को शारदा माई कहा जाता है। वहीं इस मंदिर से जुड़ी एक मान्यता ये भी है कि रात को 2 बजे से लेकर 5 बजे तक इस मंदिर में किसी का भी प्रवेश वर्जित है और अगर कोई व्यक्ति इस समय मंदिर में प्रवेश करता है तो उसकी मृत्यु हो जाती हैं।

मान्यता के अनुसार मैहर माता मंदिर में रोज रात्रि 2 बजे से 5 बजे के बीच आल्हा और ऊदल आकर माता रानी का सबसे पहले दर्शन और पूरा श्रृंगार करते हैं। सबसे पहले दर्शन तथा श्रृंगार का अवसर माता रानी सिर्फ उन्हें ही देती हैं। इसी वजह से रात को दो बजे से लेकर पांच बजे तक मंदिर के पट बंद रखे जाते हैं और किसी को अंदर जाने की अनु​मति नहीं होती है।

यदि कोई व्यक्ति रात के समय यहां रूकने की कोशिश करता है तो वह अगली सुबह नहीं देख पाता है। मां शारदा के दर्शनों के लिए यहां आने वाले भक्तों को 1063 सीढ़ियों का सफर तय करना पड़ता है, ऊंचाई पर होने के बाद भी इस मंदिर में मां के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ लगी रहती है। agency

(ये सभी जानकारियां शास्त्रों और ग्रंथों में वर्णित हैं, लेकिन इन्हें अपनाने से पहले किसी विशेष पंडित या ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लें।)

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