नगर निगम बनते ही लूटखोरों की लूट बढ़ी, गंगाजल पाइपलाइन डालने में धांधली, दोषी ठेकेदार को क्यों नहीं किया ब्लैक लिस्ट ?

hgdnhgd

इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।जांच की परतें खुलने के बाद पता चलेगा कि इसमें कौन-कौन लिप्त था

फिरोजाबाद। आपने नगर निगम एवं नगर पालिकाओं में ठेकेदारों द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकारी धन की लूट के किस्से अखबारों में खूब पढ़े और लोगों से सुने होंगे। ऐसा ही एक और मामला नगर निगम में सामने आया है जिसमें कांच नगरी में गंगाजल पाइपलाइन डालने में नियमों की धज्जियां उड़ाई गई है। ठेकेदार द्वारा अधूरी पाइप लाइनें ही डालकर छोड़ दी गई।

आगरा के ठेकेदार मैसेज लकी कांट्रेक्टर और मैसेज देव कंस्ट्रक्शन को पाइप लाइन डालने का ठेंका मिला था। लकी कांट्रेक्टर की लापरवाही से एक दर्जन मोहल्लों की आपूर्ति प्रभावित होने पर जल निगम ने इन पर 7000000 रू०का जुर्माना ठोका है। लोगों द्वारा विधायक से शिकायत करने के बाद जल निगम ने यह कार्रवाई की है।

अधूरी पाइप लाइन लाइनें नगर के कौशल्या नगर,कृष्णा नगर,किशन नगर,नगला भाऊ, रहना,ककरो नई आबादी, सिंचाई कॉलोनी,मथुरा नगर,मायापुरी जोन के तहत मायापुरी,सत्य नगर आदि क्षेत्रों में गंगा जल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। शिकायत के बाद जब जल निगम के अधिकारियों ने पाया कि कई कॉलोनियों में पाइपलाइन गलत तरीके से डाली हैं। कहीं काम अधूरा छोड़ा गया है। जिसके कारण लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। इसके बाद कार्रवाई की गई।

प्रश्न खड़े करती है कार्यवाही

जब कोई कार्य किसी ठेकेदार को दिया जाता है तो उसमें पूरी शर्तें एवं नियम पहले से ही तय होते हैं। विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी कार्य की गुणवत्ता की समय-समय पर मॉनिटरिंग करते हैं। गंगाजल लाने का प्रोजेक्ट काफी समय से चल रहा है। इसमें नगर निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत लग रही है। निगम के कुछ अधिकारी कमीशन खोरी के धंधे में लिप्त होने के कारण आंखें मूंदे बैठे रहते हैं। ठेकेंदारों पर कोई कार्यवाही नही करतें। पर ठेकेदारों को बिना कार्य करें ही पेमेन्ट हो जाते हैं। लेकिन जब जनता सजग हो अपनी जान बचाने को ठेकेदारों पर कार्यवाही की जाती है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।जांच की परतें खुलने के बाद पता चलेगा कि इसमें कौन-कौन लिप्त था।

more recommended stories