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100 फीसदी स्वदेशी कलपुर्जों का हो इस्तेमाल-गडकरी

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स से कलपुर्जों में स्थानीयकरण को बढ़ाकर 100 फीसदी करने को कहा।उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो सरकार ऐसे कलपुर्जों के घरेलू स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए इम्पोर्टेड आइटम्स पर बेसिक कस्मट ड्यूटी बढ़ाने पर विचार करेगी।गडकरी ने ऑटोमोटिव कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसियेसन आफ इंडिया द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत में ऑटोमोबाइल क्षेत्र के कलपुर्जों के विनिर्माण में 70 फीसदी तक स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा,हमें किसी भी कीमत पर ऑटो कलपुर्जों के आयात को रोकना होगा।उन्होंने कहा,मैं वाहन एवं वाहनों के कलपुर्जा विनिर्माताओं दोनों से यह आग्रह करता हूं कि वह विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाले अधिक से अधिक सामान को स्थानीय स्तर पर ही खरीदें। बल्कि मैं कहूंगा कि अधिक से अधिक नहीं बल्कि 100 फीसदी सामान देश के भीतर से ही लें। हम हर क्षेत्र में पूरी तरह से सक्षम हैं।मैं वाहन कंपनियों से कहना चाहूंगा कि वह इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें अन्यथा जहां तक कलपुर्जों के आयात का मामला है। हम इन पर आयात शुल्क बढ़ाने की दिशा में विचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार देश को अगले पांच साल में वाहन विनिर्माण का वैश्विक केन्द्र बनाने की दिशा में काम कर रही है और इसके लिये जल्द ही समग्र नीति की घोषणा की जाएगी।गडकरी ने वाहनों की प्रस्तावित स्वैच्छिक कबाड़ नीति का जिक्र करते हुए कहा कि इससे इस्पात,प्लास्टिक,रबड़,तांबा और एल्यूमीनियम जैसे कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ेगी और विनिर्माताओं को इसका लाभ उठाना चाहिए।

गडकरी ने कहा कि सरकार की इस मामले में हर समय स्पष्ट नीति रही है।हम भारत में निर्मित और भारत में तैयार उत्पादों की नीति को प्रोत्साहन देना चाहते हैं।उन्होंने कहा कि उन्हें जब कभी वाहन विनिर्माता कंपनियों के साथ विचार-विमर्श करने का अवसर मिलता है। उनका यही सुझाव होता है कि आयात को कभी भी बढ़ावा नहीं दें.केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग के साथ-साथ सूक्ष्म,लघु एवं मझौले उपक्रम मंत्रालय का भी कामकाज संभाल रहे गडकरी ने विनिर्माताओं से कहा कि वह उत्पाद की गुणवत्ता के साथ समझौता किये बिना लागत कम करने पर ध्यान दें।

 

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