योगी सरकार ने की फर्जी शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई, वसूला जाएगा वेतन

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उत्तर प्रदेश।   फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। शनिवार को एटा और मैनपुरी जिले में 190 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया। शासन के निर्देश पर हुई जांच में इन शिक्षकों के बीएड के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। विज्ञापन मैनपुरी जनपद में एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए 74 शिक्षक शनिवार को बर्खास्त कर दिए गए। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश खंड शिक्षाधिकारियों को दिए गए हैं। ये शिक्षक पिछले 10 साल से बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे थे।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004-05 में बीएड करने वाले जिले के 78 शिक्षकों को एसआईटी ने फर्जी घोषित किया था। नवंबर 2017 में एसआईटी ने इन शिक्षकों की बर्खास्तगी के लिए सीडी बीएसए कार्यालय को भेजी थी। दो वर्ष तक चली कई चरणों की जांच के बाद शनिवार की शाम 74 शिक्षकों की बर्खास्तगी जिला चयन समिति के निर्देश के बाद कर दी गई। शनिवार की देर शाम जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप ने बर्खास्तगी पत्र जारी कर दिए।

शेष चार शिक्षकों को अभी प्रथम बर्खास्तगी नोटिस ही जारी किया जा सका है। जबकि बर्खास्त किए गए सभी 74 शिक्षकों को तीन बार बर्खास्गी नोटिस जारी किए गए। बर्खास्त किए गए शिक्षकों में से 33 शिक्षकों का बीएड अंकपत्र फर्जी है।

वहीं 41 शिक्षकों ने फर्जी तरीके से अपने अंकपत्रों में अंक बढ़वाने का काम किया है। विश्वविद्यालय रिकार्ड में इनके अंक जितने दर्ज हैं उनमें 30 से 40 अंक तक बढ़वाए गए हैं। अब इन शिक्षकों की बर्खास्तगी के साथ ही पिछले 10 साल में दिए गए वेतन की रिकवरी भी की गई जाएगी।

बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए शिक्षकों को जिला चयन समिति के निर्णय के बाद बर्खास्त किया गया है। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश बीईओ को दिए गए हैं। इन्हें दिए गए वेतन की रिकवरी की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। एजेंसी

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