Home Home भारत नही करेंगा RCEP पर हस्ताक्षर

भारत नही करेंगा RCEP पर हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की चिंताओं को लेकर दृढ़ हैं और घरेलू उद्योगों के हित को लेकर कोई भी समझौता नहीं करने का फैसला लिया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी में अपने हितों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। भारत यह देखेगा कि आरसेप समझौते में व्यापार, सेवाओं और निवेश पर उसकी चिंताओं को पूरी तरह से समायोजित किया जा रहा है या नहीं।

भारत ने क्षेत्रीय समग्र आर्थिक समझौते में शामिल नहीं होने का फैसला किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की चिंताओं को लेकर दृढ़ हैं और घरेलू उद्योगों के हित को लेकर कोई भी समझौता नहीं करने का फैसला लिया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी में अपने हितों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। भारत यह देखेगा कि आरसेप समझौते में व्यापार, सेवाओं और निवेश पर उसकी चिंताओं को पूरी तरह से समायोजित किया जा रहा है या नहीं।

रीजनल कॉम्प्रीहेन्सिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एक ऐसा प्रस्तावित व्यापक व्यापार समझौता है जिसके लिए आसियान के 10 देशों के अलावा 6 अन्य देश-चीन, भारत,ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, जापान और न्यूजीलैंड के बीच बातचीत चल रही है। आरसीईपी के द्वारा सभी 16 देशों को शामिल करते हुए एक एकीकृत बाजार बनाए जाने का प्रस्ताव है, जिससे इन देशों के उत्पादों और सेवाओं के लिए एक-दूसरे देश में पहुंच आसान हो जाएगी।

भारतीय उद्योग जगत ने आरसीईपी समूह में चीन की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई है। डेयरी, धातु, इलेक्ट्रॉनिक्स और रसायन समेत विभिन्न क्षेत्रों ने सरकार से इन क्षेत्रों में शुल्क कटौती नहीं करने का आग्रह किया है। उद्योग जगत को आशंका है कि आयात शुल्क कम या खत्म होने से विदेशों से अधिक मात्रा में माल भारत आएगा और स्थानीय उद्योगों पर इसका बुरा असर होगा।

अमूल ने भी डेयरी उद्योग को लेकर चिंता जाहिर की थी। वहीं किसान संगठनों कड़ी आपत्ति जता रहे थे। किसानों का कहना है कि ये संधि होती है तो देश के एक तिहाई बाजार पर न्यूजीलैंड, अमेरिका और यूरोपीय देशों का कब्जा हो जाएगा और भारत के किसानों को इनके उत्पाद का जो मूल्य मिल रहा है, उसमें गिरावट आ जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित इन देशों के नेता यहां तीन दिवसीय आसियान सम्मेलन, पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन और आरसीईपी व्यापार वार्ता के सिलसिले में यहां मौजूद हैं। आरसीईपी को लेकर बातचीत सात साल से चल रही है लेकिन बाजार खोलन और कुछ वस्तुओं पर प्रशुल्क से जुड़ी भारत की कुछ नई मांगों के कारण आरसीईपी समझौते को अंतिम रूप देने में थोड़ी देरी होने के आसर थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

फूलगोभी खाओ मोटापा कम होगा

दिल्ली। सब्जियों में लोकप्रिय सब्जी और सुपर फूड कही जाने वाली फूलगोभी (cauliflowe) हमारे स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी है. क्रूसिफेरस परिवार से संबंध...

रंगो से नही पटाखों से खेली जाएगी होली

जोधपुर। अब से कुछ दिनों बाद ही होली(Holi) का त्यौहार आने वाला है और जिसको लेकर बाजारों में रंगों की दुकानें सजने लग गई...

अपाचे हेलीकॉप्टर इतना घातक है कि 1 मिनट में 128 टारगेट तबाह कर देता है,जाने इसकी खासियत ?

मोदी सरकार ने थल सेना के लिए अमेरिका से 6 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर (Apache Attack Helicopter) मंगाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है. ये...

CBSE ने 28 और 29 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में होने वाली बोर्ड परीक्षा स्थगित की

नई दिल्ली. दिल्ली हिंसा (Delhi Violence)के मद्देनजर सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 28 और 29 फरवरी को होने वाली...

Recent Comments