बाईकर्स की लापरवाही से जा सकती है पुलिस वाले की जान

बाईकर्स की लापरवाही से जा सकती है पुलिस वाले की जान

शैलेंद्र पांडे/ मीरा भायंदर

गोल्डन नेक्स्ट सर्कल्स के पास ड्यूटी पर तैनात वाहतूक विभाग के लिये बाईकर्स को कंट्रोल करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। वर्दी देखते ही नियमों का उलंघन करनेवाले नवयुवक बाइक्स की रफ्तार बढ़ा देते है और यहाँ वहाँ से भागने की कोशिश करते है। यह भी नहीं सोचते की उनकी इस लापरवाही की वजह से एक्सीडेंट भी हो सकता है और जान भी जा सकती है।

मीरा भायंदर वाहतूक विभाग प्रशंशनीय कार्य कर रही है और पूरी तटस्थता से ड्यूटी पर तैनात रहते हुए आवागमन की व्यवस्थाओं के अलावा यह भी सुनिश्चित कर रही है कि वाहन चालकों के द्वारा नियमों का पालन हों। लेकिन जैसे ही कोई वाहन चालक जिसके पास उचित और पर्याप्त पेपर नहीं है अथवा कम उम्र के नवयुवक वर्दी में खड़े पुलिस कर्मचारी को देखते है स्पीड बढ़ा कर यहाँ वहाँ भागने लगते है और उन्हें रोकने के लिए पुलिस कर्मचारी को गाड़ी के सामने अथवा रोकने के लिये उसके सामने जाना पड़ता है जिसके कारण कभी भी किसी भी प्रकार की दुर्घटना घट सकती है अथवा जान भी जा सकती है।

गलती किसी की भी हो लेकिन पुलिस को ही हमेशा संदिग्ध नजरों से देखा जाता है लेकिन मीरा भायंदर की आम जनता और खासकरके उन पैरेंट्स जो अपने कम उम्र के बच्चों के हाँथो में गाड़ी दे देते है उन्हें यह समझना चाहिए कि चालान बचाने के चक्कर में कहीं किसी की जिंदगी से खिलवाड़ तो नही कर रहें है।

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