टाटा कैपिटल के सलाम लोन से मुश्किलें होंगी आसान, सपने होंगे सच

समय भास्कर मुंबई ।   लोन लेना वो भी बैंक से ,ये सोच कर ही माथे पर बल पड़ने लगते है । लोन लेने के लिए काफी कागज़ी कार्यवाही  जो  करनी पड़ती है,  ये कागज़, कभी वो कागज़ और बाद में पता चला की आपको लोन नहीं मिल सकता ,क्योकि आपके पास  इस बात की कमी है उस बात की कमी । लेकिन अब टाटा कैपिटल के सलाम लोन से होंगी आपकी राह आसान,सारी मुश्किलें खत्म  । सलाम लोन से आप कर सकते है अपने सपने पूरे वो भी बिना किसी झंझट के । टाटा कैपिटल को आप सुनाएँ अपनी कहानी ।

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यह सभी  जानते हैं कि धन से जुड़े मामले  बेहद महत्वपूर्ण होते हैं न सिर्फ आर्थिक विकास और जीवन में स्थायित्व के लिए बल्कि लोगों के कल्याण के लिए भी क्योंकि यह जोखिमों में आपको सुरक्षित रखता है और निवेष के विकल्पों का दायरा भी बढ़ाता है।अब पर्याप्त मात्रा में प्रमाण उपलब्ध हैं जो यह संकेत देते हैं कि किसी देश की वित्तीय पारिस्थितिकी की मजबूती और उसकी उत्पादकता बढ़ने या गरीबी बढ़ने में सीधा संबंध होता है।

ऐसे कई प्रमाणों ने व्यक्तिगत स्तर पर वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को उनका ध्यान आर्थिक विकास पर केंद्रित करने में मदद की है लेकिन इनका ज्यादातर ध्यान उन लोगों पर होता है जो जीवन में पहले से ही बेहतर कर रहे हैं, बड़े उद्यमों और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों पर होता है।यह विशेष तौर पर भारत में काफी देखनेको मिलता है जहां समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की संगठित वित्तपोषण तक पहुंच बहुत कम या बिलकुल नहीं होती है।

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सरकार भी अपनी विभिन्न गतिविधियों के जरिए सभी भारतीयों को उनके मूल बैंकिंग और बीमा अधिकार उपलब्ध कराने की कोशिश  कर रही है लेकिन संगठित ऋण तक अब भी सभी की पहुंचन नहीं है। इस श्रेणी के तहत आने वाले कई लोग इसके हकदार होते हैं जो बड़े सपने देखने का माद्दा रखतेहैं और अपना जीवन बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि पर्याप्त वित्तीय उपलब्धता नहीं होने और अप्रत्याषित परिस्थितियों या उनके नियंत्रण के बाहर की परिस्थितियों के कारण उन्हें अपने इन सपनों को भूलना पड़ता है।इस श्रेणी के लोगों को कई बार तकनीकी वजहों के कारण लोन नहीं मिल पाता है फिर भले ही उनकी नियत कितनी भी साफ क्यों नहीं हो।

टाटा कैपिटल का मानना है कि वित्त तक पहुंच एक अधिकार है न कि कोई विशेषाधिकार और इस पहल के जरिए कंपनी ऐसे ही प्रतिभाशाली लोगों तक पहुंचकर उन्हें संगठित वित्तीय ऋण चैनल में शामिल करना चाहतीहै।

एक अनूठा उत्पाद सलाम लोन्स स्पाइक्स अवार्ड जीतने वाला कैंपेन है और इसका लक्ष्य प्रतिभाशाली लोगों को उनका #LoanKaHaq देकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। ऐसा करने के लिए कंपनी ने लोन को मंजूरी देने की प्रक्रिया का लोकतांत्रिकरण कर यह अधिकार लोगों को दे दिया है।जनता को व्यापक स्तर पर इसमें शामिल होकर ऐसे प्रतिभाशाली लोगों की प्रेरक कहानियों को ’सलाम’ करने के लिए आमंत्रित किया जाता है और इस तरह उनके लोन के आवेदन स्वीकार किए जातेहैं।

इस पहल का प्रारूप बेहद साधारण और पर्सनल लोन जैसा ही है।लोनलेने के इच्छुक आवेदकअपनी या अपनेजान-पहचानवालों की कहानियां www.doright.in पर अपलोडकर सकतेहैं और इन कहानियों को मिलने वाले ’सलाम’ के आधार पर लोन देने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।जिन लोगों की कहानियों को 1000 लाइक्स मिलते हैं उन्हें 1 लाख रुपये तक के लोन के लिए योग्य मानाजाताहै।

आर्थिक रूप से कम जोर तब के/निम्न आय समूह श्रेणी से संबंध रखने वाले व्यक्ति, जिनकी कुल वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है, सलाम लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।हालांकि आवेदक को लोन लेने के पीछे एक ठोस वजह बतानी होगी और उनके आवेदन का आकलन उसी आधार पर किया जाएगा।इस योजना के तहत लोन कुछ उत्पादक वजहों या आपातकालीन वजहों से लिए जा सकतेहैं, जिनमें छोटा कारोबार शुरू करने, शिक्षा हासिल करने या प्रशिक्षण प्राप्त करने, चिकित्सकीय खर्च उठाने इत्यादि(हालांकि यह सीमितनहीं है) शामिल हैं।इस पहल को अभी तक 800 से ज्यादा आवेदन मिल चुकेहैं जिनमें से करीब 220 कहानियां  वेबसाइट  www.doright.in पर लाइव हैं औरजनता के सलाम का इंतजार कर रही हैं।

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इस उत्पाद की संकल्पना टाटाकैपिटल के ब्रांड वायदे’हम वहीं करते हैं जो आपके लिए सही है’ को ध्यान में रखतेहुए की गई हैऔर हमें काफी दूर दराज इलाकों से भी कई कहानियां मिल रही हैं, जो इसपहल की सही भावना को दर्शाती हैं।ऐसी ही एक कहानी है धनलक्ष्मी बाईकी। बेंगलुरु में रहनेवाली धनलक्ष्मी के पति की 5 साल पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने एक दर्जी के तौर पर काम करना शुरू किया, जिससे वह अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।एक छोटे से होटल कारोबार से उनकी बहन को होने वाली आय और उनकी आय मिला कर मुश्किल से 5 लोगों के इस परिवार के लिए पर्याप्त होतीहै।

धन लक्ष्मी अपने कारोबार का विस्तार करने के बारे में सोच रही थी जब उन्होंने हमारे अनूठे सलाम लोन कान्सेप्ट के बारे में सुना । उन्होंने तुरंत इसके लिए आवेदन किया और वह टाटा कैपिटल की इस पहल के तहत लाभ पाने वाले शुरू आती लोगों में से एक हैं।अब वह अपने इस सपने को पूरा करने में सक्षम हैं और अपने कारोबार का विस्तार कर रही हैं,  जिससे इस कारोबार में उनका बेटा भी उनकी मदद कर सकेगा।

यह कहानी और ऐसी ही कई अनगिनत कहानियां जो हमारे सामने आई हैं दिखाती हैं कि ऐसे कई लोग हैं जो वित्तीय रूप से समर्थ होने की कोशिश में अपने सपनों को भूल जाते हैं।टाटाकैपिटल हमेशा सही करने की कोशिश करती है और यह पहल उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण है तो अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करना चाहते हैं फिर चाहे वह कुछ भी हो।

लेखिका – वीतिका देओरस,  हैड – ब्रांड मार्केटिंग & कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, टाटा कैपिटल 

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