मन की बात करने के लिए मन साफ होना चाहिए : अन्ना हजारे

नई दिल्ली । सरकार से लोगों को बहुत उम्मीदें थीं लेकिन सरकार खरी नहीं उतरी। जनलोकपाल हो या फिर किसान सभी मुद्दों पर सरकार विफल रही है। यह बातें गांधीवादी नेता अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर पर निव निर्माण किसान संगठन की ओर से आयोजित किसानों की राष्ट्रीय महासम्मेलन में कहीं। कार्यक्रम में जलपुरुष राजेंद्र सिंह, समाजसेवी संदीप पांडेय समेत कई किसान नेताओं ने हिस्सा लिया। अन्ना ने कहा कि मौजूदा सरकार से उन्हें बहुत उम्मीदें थीं। हर वर्ग ने वोट देकर बहुमत से जिताया।

यह सरकार जो कि 15 लाख रु खाते में डालने की बात करती थी आज तक 15 रु नहीं दे पाई। मेरा मानना है कि सरकार किसानों के लिए पेंशन स्कीम लेकर आए। अन्ना ने कहा कि वह अगले तीन महीने तक जिस राज्य में भी किसानों की सभा होगी वहां जाएंगे। अन्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बात करते थे। मगर अब एक रिपोर्ट कहती है कि एशिया में भारत भ्रष्टाचार में नंबर वन है। इससे दुखद क्या हो सकता है कि मध्य प्रदेश में किसानों को नंगा करके पीटा गया। पहले अंग्रेज करते थे अब गोरे की जगह काले आ गए हैं। सिर्फ मन की बात करने से कुछ नहीं होगा। कुछ करने के लिए मन का साफ होना भी जरूरी है। एजेंसी

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