रियल एस्टेट के ओपी चैन ग्रुप को एडीए को 42 करोड रुपये जमा करने होंगे

साजिद खान / आगरा में तीन बडे फैसले हुए हैं रियल एस्टेट के ओपी चैन ग्रुप को एडीए को 42 करोड रुपये जमा करने होंगे , होटल मरीना, संजय प्लेस को पांच करोड रुपये और सबमर्सिबल नहीं लगेंगी।
सोमवार को एडीए बोर्ड की बैठक हुई, इसके चेयरमैन कमिश्नर अनिल कुमार, डीएम एनजी रविर कुमार, एडीए की उपाध्यक्ष शुभ्रा सक्सेना ने लंबित विवादों पर निर्णय लिया। पहला विवाद ओपी चेन ग्रुप द्वारा 2011 में ताजनगरी फेस वन में ली गई 20 हजार वर्ग मीटर जमीन का था, यह जमीन एडीए से ओपी चेन ग्रुप के निदेशक शोभिक गोयल ने 36 करोड रुपये में खरी​दी थी, 14 करोड रुपये रजिस्ट्री के लिए दिए थे। ग्रुप को किश्तों पर भुगतान करना था और ब्याज देनी थी, एडीए के पजेशन न देने पर ग्रुप के निदेशक ने किश्त देना बंद कर दिया। इसके बाद ब्याज बढती गई।

सात महीने पहले कर दी थी 33 करोड की ब्याज माफ
इसी साल सात महीने पहले तत्कालीन कमिश्नर के राम मोहन राव और एडीए के उपाध्यक्ष राधेश्याम मिश्रा ने ओपी चेन ग्रुप की 33 करोड की ब्याज माफ करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया था, यह मामला शासन में लंबित है। इसी बीच सोमवार को हुई बैठक में ओपी चेन ग्रुप के ब्याज माफी करने के पफैसले को खारिज कर दिया, अब ग्रुप को 20 हजार वर्ग मीटर जमीन के लिए एडीए को 42 करोड रुपये जमा करने होंगे।
पांच करोड में होटल मरीना को जमीन
दूसरा मामला हरीपर्वत क्षेत्र स्थित होटल मरीना का है, यहां एडीए की 436 वर्ग मीटर जमीन है, एडीए बोर्ड की बैठक में होटल मरीना को पांच करोड में 436 वर्ग मीटर जमीन देने का निर्णय लिया गया है।
एडीए द्वारा सबमर्सिबल लगाने पर रोक
एडीए हर साल करीब पांच करोड के बजट से सबमर्सिबल लगाता है, भूजल स्तर गिरने सहित अन्य कारणों से एडीए द्वारा सबमसिर्बल लगाने पर रोक लगा दी गई है।

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