भारत करेगा एमएच-60 रोमियो का निर्माण

नई दिल्ली। भारत ने अपनी नौसेना को मजबूत करने के लिए अमेरिका से 24 एमएच-60 रोमियो पनडुब्बी-रोधी हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए पिछले हफ्ते डील की है. यह सौदा करीब 2 अरब डॉलर का होगा लेकिन इस डील की एक खास बात यह है कि भारत खुद 123 एंटी-सबमरीन हेलीकॉप्टर का निर्माण करेगा.समुंदर पर चीन की बढ़ती ताकत के बीच पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से भारत को इस तरह के हंटर हेलीकॉप्टर की जरुरत है.

पिछले हफ्ते भारत ने रूस से वॉरशिप के निर्माण की एक डील की है.इस डील के तहत रूस गोवा में दो युद्धपोतों का निर्माण भारत के सहयोग से करेगा.भारत ने इसके साथ ही रूस से इस युद्धपोत के डिजाइन,टेक्नोलॉजी और अन्य निर्माण सामग्री के लिए समझौता किया है.ये युद्धपोत अत्याधुनिक मिसाइलें से लैस होंगे.युद्धपोतों का निर्माण 2020 में शुरू होगा और पहला जहाज 2026 में जलावतरण के लिए तैयार होगा,वहीं दूसरा 2027 तक तैयार होगा.भारत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर खासा जोर दे रहा है.पिछले कई मामलों में भारत की यह रणनीति सामने आई है.

एमएच 60 रोमियो सी-हॉक हेलीकॉप्टर अमेरिकी नेवी के बेड़े में शामिल है.इसे दुनिया के सबसे अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर के रूप में जाना जाता है.विशेषज्ञों के मुताबिक इस हेलीकॉप्टर को जहाज,युद्धपोत और विमान वाहक पोत से ऑपरेट किया जा सकता है.हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के आक्रामक रवैये को देखते हुए भारत को इसकी तत्काल जरूरत है.रोमियो अमेरिका का सबसे एडवांस एंटी सबमरीन हेलीकॉप्टर माना जाता है.पनडुब्बियों पर इसका निशाना अचूक होता है.दुनिया के कुछ अन्य देशों के पास भी एंटी सबमरीन हेलीकॉप्टर हैं लेकिन समंदर में चीन की बड़ी चुनौती को देखते हुए भारत के लिए अमेरिकी एंटी सबमरीन हेलीकॉप्टर रोमियो मुफीद माना जा रहा है.ऐसे में एंटी सबमरीन हेलीकॉप्टर हासिल करना बहुत जरूरी हो गया है.

more recommended stories