दो कौड़ी का विधायक हूँ, हाई फाई से बात करो

आजमगढ़। आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद से चार बार के सपा विधायक आलंबदी से जब  बात करने का प्रयास किया तो उनके सुर यही थे। आलंबदी आज के समय के विधायकों से एकदम अलग हैं, इनकी पहचान ईमानदार विधायकों में होती है। उन्होंने बताया कि जनता के बीच रहने के कारण बच्चे, महिलाएं सब पहचानती हैं। सुबह 11 बजे छेत्र में जनता के बीच रहने वाले आजमगढ़ से लखनऊ बस से ही जाते हैं, उनका कहना है कि अपनी गाड़ी से जाने पर 3000 का डीजल का खर्चा आता है और अकेले की लिए ठीक नही। आलंबदी का यह निर्णय उन विधायकों के लिए नजीर है जो चुनाव जीतने के बाद बड़ी बड़ी गाड़ियों से चलते हुए जनता से दूर हो जाते हैं। आलंबदी 1996,2002,2012 व 2017 से चुनाव जीते हैं।

मंत्री बनना समझते हैं अपमान

विधायक आलंबदी ने कहा कि जो मंत्री पद की अहमियत समझते हैं वो मंत्री बनने में अपना अपमान समझते हैं। पूर्व मंत्री बलराम यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि जब मंत्री पद गया तो सबने देखा कि कैसे रो रहे थे। मुलायम सिंह यादव के बेहद निकट माने जाने वाले आलंबदी ने बताया कि कई बार मंत्री पद का ऑफर नेताजी ने दिया पर हमने मना कर दिया।

लौटा दिया मुलायम का दिया पैसा

विधायक आलंबदी ने बताया कि 1996 में जब मैं पहली बार चुनाव लड़ रहा था तो नेताजी ने डेढ़ लाख रुपये भेजा था चुनाव लड़ने के लिए जिसे आलंबदी ने वापस कर दिया।

हम फोकट में सिम्बल देते हैं और जनता फोकट में चुनती है

विधायक आलंबदी ने बताया कि नेताजी सबके बीच यही कहते हैं कि हम इन्हें फोकट में टिकट देते हैं और जनता इन्हें फोकट में चुनाव जिताकर भेज देती है।

जनता को काम दिखाओ फ़ोटो नही

विधायक आलंबदी ने बताया कि प्रदेश की इकलौती विधानसभा है जहां मैं चुनाव के दौरान वोट मांगने नही जाता। चुनाव में भी न ऑफिस खुलता है न बैनर लगता है और जो बैनर लगता भी है उसमें सिर्फ मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की फ़ोटो लगती है, मेरी नही। चुनाव में भी घर से 11 बजे निकलकर शाम 5 बजे घर आ जाते हैं और किसी से वोट नहीं मांगते। उन्होंने कहा कि जनता को काम दिखाओ फ़ोटो नहीं।

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