ई वे बिल माल परिवहन पर निगरानी रखने का इलेक्ट्रानिक तरीका

नयी दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लिए सेवा प्रदाता कंपनी के रूप में चयनित एडिक्योर इंफो का कहना है कि एक अप्रैल से शुरू हुआ ई वे बिल देश में माल परिहवन के तौर तरीके को पूरी तरह बदल देगा। पचास हजार रुपये से अधिक के माल परिवहन के लिए ई वे बिल की जरूरत है।

एडिक्योर ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पवन पीचारा ने यहां कहा कि जीएसटी के लागू किये जाने के बाद ई वे बिल तो आना था ही क्योंकि इसके बगैर माल परिवहन पर निगरानी करना संभव नहीं हो सकता था। उन्होंने कहा कि ई वे बिल न:न सिर्फ कर चोरी पर रोक लगाने में मददगार होगा बल्कि यह कारोबारियों और उद्योग दोनों के हित में है।

उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी ने अपने पोर्टल पर ई वे बिल की सुविधा उपलब्ध करा दी है और इसको पूरी तरह से सुरक्षित बनाया गया है ताकि किसी ग्राहक को परेशानी नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि ई वे बिल माल परिवहन पर निगरानी रखने का इलेक्ट्रानिक तरीका है और इससे माल परिवहन के दौरान लगने वाले समय को बचाने में मदद मिलेगी। पीचारा ने कहा कि ई वे बिल माल परिहवन का प्री साइन्ड आर्डर है और इसे जीएसटीएन से हासिल किया जा सकता है।

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