उपराष्ट्रपति बोले योग से दूर हो जाते हैं रोग

देहरादून । उपराष्ट्रपति ने कहा है कि योग के शरीर में प्रवेश करते रोग स्वत: ही बाहर हो जाते हैं। ऋषिकेश के स्वर्ग आश्रम स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा ‘भारत ने हमेशा समूचे विश्व में शांति का संदेश दिया। शांति के लिए हाथ बढ़ाया भारत ने कभी किसी देश पर हमला नहीं किया। भारत संस्कृति का देश है। यहां विकृति को जन्म नहीं दिया जाता है। योग का संबंध शरीर मन और चित्त तीनों से है। योग साधक एकाग्रता और सकारात्मकता का भाव जगाता है।’

उन्होंने कहा ‘उत्तराखंड की पानी, हवा, मिट्टी सभी तत्वों में योग बसा है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे उत्तराखंड की तीर्थ नगरी ऋषिकेश के गंगा तट पर आने का अवसर मिला है। दिमाग जब चलायमान होता है तो योग इसे शांत करने का बेहतर साधन है। यही संदेश उत्तराखंड भारत देश से समूचे विश्व में फैला रहा है।’

उपराष्ट्रपति के अनुसार ‘जब गुलामी से पूर्व हमें सोने की चिड़िया कहा जाता था तो हमारे देश की जीडीपी दर 27.7 होती थी। प्रधानमंत्री ने विश्व पटल पर योग को आगे बढ़ाने का काम किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस योग महोत्सव में विश्व का लघु रूप देखने को मिला है। योग मन चित्त और शरीर को स्वस्थ रखता है। आज विश्व में लोग तमाम संतापों से स्वयं को असहज और तनावयुक्त महसूस कर रहे हैं। योग विश्व को शांति और सुख देने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि योग भारत की अनमोल निधि है।’ कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल के के पॉल, केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री के जे अल्फोस, योग गुरु गुरमुख कौर खालसा प्रेम बाबा आदि उपस्थित थे । agency

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