आखिर किसकी शह से शासन से निलबित एबीएसए तरुण कुमार कर रहें है काम ?

शासन द्वारा रिश्वत लेने के मामलें में 26-10-17 को किया जा चुका है निलंबित
समय भास्कर समाचार
फिरोजाबाद। प्रदेश सरकार निचले स्तर पर पहुंच चुकी प्राथमिक शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सभी बालकों को प्राथमिक शिक्षा से जोडऩे का पूरा प्रयास कर रही है। सरकार की इन शिक्षा नीति को बेसिक शिक्षा अधिकारी डा०सच्चिदानन्द यादव पलीता लगाने में जुटे हुए हैं। सरकार जहां चाहती है बच्चों को निशुल्क उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान की जाए लेकिन प्राथमिक शिक्षा विभाग में तैनात अधिकारी सरकार की नीतियों के तहत काम ना कर के मनमाने तौर.तरीके बना रहे हैं जिससे बच्चों को स्तरीय शिक्षा का ज्ञान प्राप्त नहीं हो पा रहा है।

बेसिक शिक्षा गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने की पहल नहीं कर रहाहै,इसका मुख्य कारण शिक्षा जगत में व्याप्त भ्रष्टाचार है। जिससे आम लोगों में असंतोष व्याप्त है। लंबे समय से जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात डा०सच्चिदानन्द यादव मनमाने तौर-तरीके अपनाकर प्रदेश सरकार की शिक्षा नीतियों को धरातल पर लाने में विफल है और वह अपने मनमाने ढंग से मनमानी कार्यशैली अपनाए हुए हैं।

ज्ञातव्य है एबीएसए तरुण कुमार जो कि जनता आदर्श जूनियर हाई हुमायूंपुर के भ्रष्टाचारी प्रकरण में एक लिपिक के माध्यम से रिश्वत लेने के संबंध में शासन द्वारा 26-10-17 को निलंबित किया जा चुका है। प्रश्न यह उठता है कि एबीएसए तरुण कुमार शासन द्वारा निलंबित किए जाने के बावजूद भी खंड शिक्षा अधिकारी फिरोजाबाद के पद पर अब तक कैसे बने हुए हैं? जबकि वह पद पर रहकर अवैध संविधानिक कार्यों में लिप्त हैं। क्या शासन द्वारा उनका निलबंन रद् किया जा चुका है?

शिक्षकों ने भाजपा सरकार से मांग की है कि भ्रष्ट्र बीएसए डा०सच्चिदानन्द यादव तथा एबीएसए तरुण कुमार को जिले से हटाया जायें।बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों में रोष व्याप्त है और अभिभावक ने शासन से निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्यवाही किए जाने की मांग की है। जिलाधिकारी बेसिक शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से उक्त प्रकरण की ओर ध्यान देकर निष्पक्ष जांच कराएं और संबधित अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए जिससे प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों को लाभ मिल सके।

Loading...

more recommended stories